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बिहार, 07 फरवरी। देश के अलग-अलग राज्यों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए एक खास रोजगार योजना की शुरुआत की है, जो सीधे उनके हाथ में काम और कमाई दोनों सौंपती है। इस योजना का नाम है मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, जिसके तहत महिलाओं को अपना खुद का काम शुरू करने के लिए सीधी आर्थिक मदद दी जा रही है।
इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खाते में पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। इस रकम से महिलाएं छोटा बिजनेस शुरू कर सकती हैं और धीरे-धीरे अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं। अब तक हजारों महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं और कई ने सफलतापूर्वक अपना रोजगार खड़ा कर लिया है। योजना की कई किस्तें पहले ही जारी हो चुकी हैं और अगली किस्त तय समय पर भेजी जानी है।
बिहार सरकार की इस पहल का मकसद महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। योजना के तहत करीब 18 तरह के छोटे व्यवसाय शुरू करने का विकल्प दिया गया है। यदि महिला अपना काम कम से कम छह महीने तक लगातार चलाती है, तो आगे उसे अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी मिल सकती है, जो अधिकतम 2 लाख रुपये तक हो सकती है।
हालांकि, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिन्होंने जीविका समूह के माध्यम से आवेदन किया है और जिनका आवेदन स्वीकृत हुआ है। जो महिलाएं पहले ही इस योजना का फायदा उठा चुकी हैं, उन्हें दोबारा यह राशि नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया को काफी सरल रखा गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इससे जुड़ सकें। आवेदन के लिए सबसे पहले जीविका की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है। इस दौरान मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और जिस व्यवसाय को शुरू करना है, उसकी जानकारी देनी होती है।
इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं, जिनमें शैक्षणिक प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर जाति प्रमाणपत्र या दिव्यांगता प्रमाणपत्र भी मांगा जा सकता है। आवेदन मंजूर होते ही योजना की राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है, जिससे महिला तुरंत अपना काम शुरू कर सके।
अगर आप बिहार की रहने वाली हैं और खुद का काम शुरू करने का सपना देख रही हैं, तो यह योजना आपके लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है।
