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सिरमौर (पच्छाद), 14 फरवरी। सिरमौर जिले के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भाजपा से सवाल किया कि वह प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) मिलने के पक्ष में है या नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और दूध के साथ-साथ अदरक पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं करते हुए कहा कि एक वर्ष के भीतर सराहां अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की जाएगी और अल्ट्रासाउंड मशीन भी स्थापित होगी। इसके अलावा सराहां में सीबीएसई स्कूल खोलने और सराहां–चंडीगढ़ सड़क मार्ग को डबललेन करने की भी घोषणा की गई। उन्होंने कांग्रेस नेता दयाल प्यारी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धारा 118 का प्रावधान प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए किया गया था और वर्तमान सरकार भी उन्हीं पदचिह्नों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा 77 वर्षों पुरानी आरडीजी व्यवस्था को समाप्त करना प्रदेश के अधिकारों पर चोट है। “आरडीजी सरकार का नहीं, प्रदेश की जनता का अधिकार है,” उन्होंने कहा।
सर्वदलीय बैठक का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की मांग पर बैठक का स्थान बदला गया, फिर भी भाजपा प्रदेश हितों के लिए खड़ी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब भाजपा नेताओं से पूछा गया कि क्या वे आरडीजी के पक्ष में हैं, तो कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री से मिलकर आरडीजी बहाल कराएं।
पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच वर्षों में 70 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि मिलने के बावजूद उसका सदुपयोग नहीं किया गया, जिसके चलते प्रदेश पर भारी कर्ज और देनदारियां बढ़ीं। आपदा प्रभावितों की सहायता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए सहायता राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने अग्निवीर योजना और मनरेगा में बदलावों की भी आलोचना की।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मौजूदा सरकार के तीन वर्ष संघर्षपूर्ण रहे हैं और राजनीतिक, आर्थिक व प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वदलीय बैठक में भाजपा गुटों में बंटी दिखी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पहले अकेले वॉकआउट कर गए, बाद में अन्य विधायक भी बाहर निकले।
जनसभा में पच्छाद की विधायक रीना कश्यप, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर, कांग्रेस नेता दयाल प्यारी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने भी अपने विचार रखे और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में विधायक अजय सोलंकी, विनोद सुल्तानपुरी, पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
