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शिमला, 02 फरवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज होम-स्टे पंजीकरण को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के होम-स्टे पोर्टल Himachal Home Stay Registeration का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से अब इच्छुक लोग घर बैठे ही होम-स्टे का पंजीकरण कर सकेंगे। पोर्टल की प्रक्रिया को सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फायर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के कारण होटल और होम-स्टे के पंजीकरण या नवीनीकरण को रोका नहीं जाएगा। उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में संबंधित इकाइयों को प्रोविजनल पंजीकरण प्रदान किया जाए, ताकि होटल और होम-स्टे संचालकों का व्यवसाय बिना बाधा के चलता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑब्जेक्शन के नाम पर होटल कारोबारियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए और राज्य सरकार हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए ‘पर्यटन से स्वरोजगार’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम-स्टे योजना शुरू की गई है। इस योजना का मकसद ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करना और पर्यटकों को अनछुए पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने बताया कि पर्यटन राज्य के राजस्व का एक अहम स्रोत है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने होम-स्टे योजना का दायरा बढ़ाकर शहरी क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया है। योजना के तहत अधिकतम छह कमरों तक के होम-स्टे का पंजीकरण किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम-स्टे संचालन से जहां पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और घर जैसा माहौल मिलता है, वहीं मकान मालिकों को घर बैठे अच्छी आय का साधन प्राप्त होता है। स्थानीय व्यंजनों की पेशकश से होम-स्टे संचालकों की आय और बढ़ती है, क्योंकि पर्यटक स्थानीय खान-पान को काफी पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में बने पुरातन शैली के घर विशेष रूप से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान सरकार ने होम-स्टे योजना के तहत **ब्याज अनुदान योजना** शुरू की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ सकें। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान प्रदान किया जा रहा है। यह अनुदान टर्म लोन पर पर्यटन इकाई स्थापित करने, विस्तार या अपग्रेडेशन के लिए दिया जाता है।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष आर.एस. बाली वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, प्रधान सचिव देवेश कुमार और पर्यटन विभाग के निदेशक विवेक भाटिया शिमला में उपस्थित रहे।
