न्यूज अपडेट्स
सोलन, 08 फरवरी। आरएलए सोलन में वाहनों के पंजीकरण में हुए फर्जीवाड़े में बड़ा खुलासा हुआ है। आरएलए सोलन की फर्जी आईडी से 40 से अधिक वाहनों का पंजीकरण किया गया है। इन वाहनों की संख्या में अभी और बढ़ौतरी हो सकती है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
प्रारम्भिक जांच में अभी 40 वाहनों के पंजीकरण का पता चला है। इस खुलासे से यह स्पष्ट हो गया है कि यह फर्जीवाड़ा छोटा नहीं, बल्कि बहुत बड़ा है। पंजीकृत किए गए सभी वाहन दूसरे राज्यों के हैं, जिनका \सोलन के फर्जी पते पर पंजीकरण किया गया है। इसमें कमर्शियल व टैक्सी वाहनों के साथ कुछ निजी वाहन भी पंजीकृत हुए हैं। एसडीएम \सोलन ने इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर पुलिस को सौंप दी है। पुलिस की जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, उसमें और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। 29 अक्तूबर, 2025 को आरएलए \सोलन के वाहन पोर्टल की फर्जी आईडी बनाई गई थी। इसके बाद से वाहनों के पंजीकरण का फर्जीवाड़ा शुरू हुआ।
अढ़ाई महीने के वक्त में ही 40 वाहनों के पंजीकरण के फर्जीवाड़े का तो खुलासा हो गया लेकिन माना जा रहा है कि यह संख्या अभी और भी बढ़ सकती है क्योंकि परिवहन विभाग ने एनआईसी दिल्ली से आरएलए \सोलन के वाहन पोर्टल के रिकॉर्ड मांगा है, क्योंकि एनआईसी द्वारा इस पोर्टल को बनाया गया है और उनके द्वारा ही इसकी निगरानी भी की जाती है।
एनआईसी दिल्ली से रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा कि किस तरह से वाहन पोर्टल की फर्जी आईडी बनाई गई और कैसे इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। यह मामला बेहद ही गंभीर है, क्योंकि बाहरी राज्यों के वाहनों को एमवीआई की बिना फिजिकल वैरीफिकेशन के पंजीकृत किया गया है, जबकि इसके लिए फिजिकल वैरीफिकेशन अनिवार्य है। यह तो स्पष्ट है कि इसके पीछे एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है। आरएलए \सोलन में 3 ट्रालों के पंजीकरण के साथ ही इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। उत्तर प्रदेश के इन 3 ट्रालों का आरएलए \सोलन में पंजीकरण करने के बाद आरएलए झंडूता को ट्रांसफर कर दिए।
इन ट्रालों की वजन ढोने की निर्धारित सीमा को नियमों के विरुद्ध जाकर बदला गया है। उत्तर प्रदेश के यह 3 ट्राले सोलन के शामती के पते पर पंजीकृत हुए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें पता भी कोई क्लीयर नहीं है। केवल शामती का नाम लिखा गया है। इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे गिरोह को शामती का पता था। इससे स्पष्ट है कि कोई स्थानीय या फिर आरएलए का कोई कर्मचारी इस गिरोह के साथ जुड़ा है। सबसे बड़ी बात यह है कि एमवीआई से इन ट्रालों की फिजिकल वैरीफिकेशन भी नहीं करवाई गई, जबकि नियमों के अनुसार यह अनिवार्य है। इन ट्रालों का आरएलए सोलन में पंजीकरण होने के साथ ही नया नंबर भी जारी हो गया।
एचपी 14डी-4812, एचपी 14डी-4582 व एचपी 14डी-4586 नंबर से इन ट्रालों का पंजीकरण हुआ। पंजीकरण होने के बाद इन ट्रालों को आरएलए झंडूता को ट्रांसफर कर दिया। यह सारी प्रक्रिया वाहन पोर्टल पर ही की गई। 2 फर्जी आईडी बनाकर इस कार्य को अंजाम दिया गया। इन्हीं 2 आईडी से 40 वाहनों का भी पंजीकरण कर दिया गया, जिसकी किसी को भी भनक तक नहीं लगी। जांच में इस फर्जीवाड़े की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। पुलिस भी इस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस द्वारा एसडीएम कार्यालय से जो रिकॉर्ड मांगा गया था, वह मिल गया है।
डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि आरएलए की फर्जी आईडी से अभी 40 वाहनों के पंजीकरण की बात सामने आई है। इस मामले की जांच चली हुई है। वाहनों की यह संख्या बढ़ भी सकती है। पुलिस गहनता के साथ इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
आरएलए सोलन में वाहनों के पंजीकरण में हुए फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा इस मामले में एक फैक्ट फाइंडिंग जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। आरएलए सोलन की फर्जी आईडी बनाकर यह फर्जीवाड़ा किया गया है। जांच कमेटी पता करेगी किस स्तर पर यह गड़बड़ी हुई है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जो भी जिम्मेवार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
