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नेरवा/चंडीगढ़, 08 फरवरी। वह हाथ, जो बरसों से स्टीयरिंग थामकर सैकड़ों यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंज़िल तक पहुंचाते रहे, आखिरकार थम गए। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के चालक दिनेश कुमार शर्मा ने जिंदगी की जंग हार दी। बीते पांच दिनों से पीजीआई चंडीगढ़ में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे दिनेश ने रविवार देर रात करीब 2 बजे अंतिम सांस ली।
दिनेश कुमार शर्मा, शिमला जिला के नेरवा क्षेत्र के रहने वाले थे और अपने कर्तव्यनिष्ठ व शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे। 3 फरवरी की सुबह वह रोज़ की तरह चौपाल–नेरवा से पांवटा साहिब के लिए बस संख्या HP-66A-2588 लेकर निकले थे। बस में 34 यात्री सवार थे, जिन्हें सुरक्षित मंज़िल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी।
लेकिन उत्तराखंड के क्वाणु क्षेत्र के पास अचानक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में चालक दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सीने में गहरी चोटें आईं और शरीर बुरी तरह लहूलुहान हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पहले विकासनगर और बाद में गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
पिछले पांच दिनों से डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने के लिए लगातार प्रयास करती रही। नेरवा सहित पूरे क्षेत्र में उनके शीघ्र स्वस्थ होने की दुआएं की जा रही थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रविवार रात उनका संघर्ष थम गया।
दिनेश के निधन की खबर मिलते ही परिवार, सहकर्मियों और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। HRTC के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखने वाला चालक बताया।
एक ऐसा सारथी, जिसने जीवन भर दूसरों को मंज़िल तक पहुंचाया, खुद रास्ते में ही दुनिया से विदा हो गया—लेकिन अपनी जिम्मेदारी, समर्पण और इंसानियत की मिसाल हमेशा पीछे छोड़ गया।
