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हिमाचल: स्वास्थ्य ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर सरकार का फोकस, 300 डॉक्टरों का बनेगा रिजर्व कोटा

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शिमला, 03 फरवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और अधोसंरचना निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और अप्रैल से प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नैदानिक सेवाओं को मजबूत कर रही है तथा पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पद भी सृजित किए जाएंगे, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

उन्होंने बताया कि आईजीएमसी शिमला में शीघ्र ही पैट स्कैन और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके अलावा राज्य के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में पहले से ही रोबोटिक सर्जरी सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों’ को भी सशक्त किया जा रहा है, ताकि लोगों को घर-द्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा पर विशेष बल देते हुए स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में 300 डॉक्टरों का प्रशिक्षण और अवकाश रिजर्व कोटा बनाने के निर्देश दिए। इससे पीजी कोर्स के लिए जाने वाले डॉक्टरों के कारण उत्पन्न होने वाली रिक्तियों से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी और इन पदों को तुरंत भरा जा सकेगा। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में छोटे बैच बनाने के निर्देश भी दिए और कहा कि किसी भी कक्षा में 60 से अधिक छात्र नहीं होने चाहिए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए लेक्चर थिएटरों के निर्माण में भी राज्य सरकार सहायता प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। एक विस्तृत कार्य योजना के तहत प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान को बेहतर सुविधाओं, पर्याप्त स्टाफ और उन्नत नैदानिक सेवाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से जहां मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिलेगी, वहीं चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने विभाग को सभी पहलों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, विशेष सचिव अश्विनी कुमार, निदेशक आयुष निपुण जिंदल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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