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शिमला, 14 फरवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सीबीएसई से संबद्ध किए जा रहे सरकारी स्कूलों में चयनित शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन शिक्षकों का उनके मूल कैडर में लियन (अधिकार) सुरक्षित रखा जाए, ताकि उनकी पदोन्नति और सेवा लाभों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की प्रक्रिया में तेजी ला रही है। आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के 140 सरकारी स्कूल सीबीएसई से संबद्ध किए जाएंगे। पहले चरण में 99 स्कूलों को पहले ही संबद्धता मिल चुकी है, जबकि शेष स्कूलों की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि इन स्कूलों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति के लिए सेवा शर्तों में भी आवश्यक राहत दी जाए। साथ ही शेष सेवा अवधि की अनिवार्यता को तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष किया जाए, ताकि योग्य अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों की एक अलग पहचान होगी। इसके लिए अलग लोगो और वर्दी (यूनिफॉर्म कलर स्कीम) निर्धारित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और वे स्वयं शैक्षणिक स्तर की प्रगति की निगरानी करेंगे। साथ ही स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
बैठक में स्कूलों में लागू की जा रही ‘नो मोबाइल फोन नीति’ की भी समीक्षा की गई, जो 1 मार्च से प्रभावी होगी। मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं।
बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान राजेश शर्मा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
