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शिमला, 07 फरवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से पिछले तीन वर्षों में 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने यह बात वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायक प्राथमिकता बैठकों के दूसरे दिन कुल्लू, मंडी और शिमला जिला के विधायकों के साथ चर्चा के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व से राज्य को लगभग 401 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ हुआ है तथा इससे प्रतिवर्ष करीब 20 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। उन्होंने कहा कि कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना में राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है, जिससे हर वर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
मुख्यमंत्री ने 15वें वित्त आयोग के तहत मिले राजस्व घाटा अनुदान का उल्लेख करते हुए बताया कि हिमाचल को कुल 37,199 करोड़ रुपये जारी किए गए, जो हर वर्ष घटते अनुपात में मिले। वर्ष 2021-22 में 10,249 करोड़, 2022-23 में 9,377 करोड़, 2023-24 में 8,057 करोड़, 2024-25 में 6,249 करोड़ और 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने से प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा, जो पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य के साथ अन्याय है। इससे विकास, कल्याणकारी योजनाओं, वेतन और पेंशन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान बहाल करने और विशेष आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया।
उन्होंने सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत-चीन सीमा पर शिपकी-ला दर्रे पर बॉर्डर टूरिज्म की शुरुआत की जानकारी दी। साथ ही केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित ‘बौद्ध सर्किट’ में हिमाचल को शामिल न किए जाने को भेदभावपूर्ण बताया और प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए बजटीय प्रावधान की मांग की।
विधायकों की प्रमुख मांगें
कुल्लू जिला से मनाली विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने आरडीजी बहाल करने, आइस स्केटिंग रिंक निर्माण, लेफ्ट बैंक सड़क सुदृढ़ीकरण, पर्यटन सीजन में पुलिस बल बढ़ाने और बर्फ हटाने की मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की। कुल्लू विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने हवाई अड्डा विस्तार, हेली-टैक्सी सुविधा के लिए आभार, पीएमजीएसवाई सड़कों का समयबद्ध निर्माण, मणिकर्ण के लिए वैकल्पिक सड़क और मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने का आग्रह किया। बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने सड़क व्यवस्था, बजौरा सब-स्टेशन सुदृढ़ीकरण, औट-लुहरी सड़क सुधार और लारजी में वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की मांग रखी। आनी विधायक लोकेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य सुविधाएं, चिट्टा माफिया पर सख्ती, ट्रैफिक सुधार और एंटी हेल गन लगाने की मांग की।
मंडी जिला से करसोग विधायक दीपराज ने आईटीआई व पॉलिटेक्निक भवन, बस सुविधा और सड़कों में तेजी की मांग की। सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने स्वास्थ्य संस्थानों के भवन, जलापूर्ति, सीवरेज सुधार और इंडोर स्टेडियम कार्य पूर्ण करने का आग्रह किया। नाचन विधायक विनोद कुमार ने आपदा प्रभावित फुटओवर ब्रिज, सीआरआईएफ के तहत सड़क और इंडोर स्टेडियम कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग की। द्रंग विधायक पूर्ण सिंह ठाकुर ने सड़कों, बस सेवा और स्वास्थ्य भवनों के कार्य तेज करने की बात कही। जोगिंदर नगर विधायक प्रकाश राणा ने बंद सड़कों को खोलने, कर्मचारी तैनाती और मूलभूत सुविधाओं में सुधार का आग्रह किया। धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर ने लाल बहादुर शास्त्री सेतु, स्वास्थ्य सेवाएं, बस अड्डा घाटा रोकने की योजना और दुग्ध संग्रह केंद्रों की मांग रखी। बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी ने अधूरे कलवर्ट-पुल, पेयजल परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण की मांग की। मंडी विधायक अनिल शर्मा ने मंडी बाईपास, जेल शिफ्टिंग, पेयजल योजनाओं की बहाली और बिजली समस्या समाधान की मांग की। सरकाघाट विधायक दिलीप ठाकुर ने सिविल अस्पताल भवन, चिकित्सक पद भरने, पेयजल परियोजना और आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार का आग्रह किया।
शिमला जिला से चौपाल विधायक बलबीर वर्मा ने सैंज-देहा-चौपाल सड़क सुधारीकरण, कार्यालयों में रिक्त पद भरने और बर्फबारी के दौरान बेहतर विद्युत आपूर्ति की मांग रखी।
बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
