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बिलासपुर, 15 फरवरी। नमहोल उप तहसील के शिकरोहा पंचायत में वार्ड मेंबर मीनाक्षी देवी का मकान 23 जनवरी को हुई भारी बारिश में पूरी तरह ढह गया, लेकिन 20 दिन बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवार को अब तक कोई राहत राशि नहीं मिली है। इस घटना में मीनाक्षी देवी और उनके दो छोटे बच्चों के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
पीड़िता के अनुसार, मकान गिरने के तुरंत बाद उन्होंने संबंधित सभी विभागीय अधिकारियों को सूचित किया था। बावजूद इसके, प्रशासनिक उदासीनता के चलते न तो राहत राशि जारी हुई और न ही मलबे में दबे घरेलू सामान के नुकसान का आकलन किया गया। मजबूरन परिवार अस्थायी शेड में रहने को विवश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर राहत उपलब्ध करानी चाहिए, खासकर तब जब प्रदेश में डिजास्टर एक्ट लागू है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यदि ऐसी घटना मंडी, हमीरपुर या कुल्लू जैसे अन्य क्षेत्रों में होती, तो सहायता तुरंत मिल जाती।
सरकारी प्रावधानों के अनुसार, प्राकृतिक आपदा में पूरा मकान गिरने पर 7 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। हैरानी की बात यह है कि पूरा घर ढह जाने और रहने की कोई सुविधा न होने के बावजूद प्रशासन यह तय नहीं कर पाया कि पीड़ित परिवार को कितनी राहत दी जाए और अन्य सहायता क्या हो।
पीड़िता ने यह भी बताया कि छह महीने पहले पंचायत प्रधान द्वारा नायब तहसीलदार को मकान की जर्जर हालत की सूचना दी गई थी और अधिकारी मौके पर भी आए थे। आरोप है कि चेतावनी के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल नहीं सका।
राहत न मिलने पर जब नायब तहसीलदार नमहोल से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने दावा किया कि पीड़िता को कार्यालय बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आई। वहीं, मीनाक्षी देवी का कहना है कि उन्हें न तो बुलाया गया और न ही कोई सूचना दी गई।
पीड़िता ने इसे महिला अधिकारों के हनन का मामला बताते हुए राज्य महिला आयोग में शिकायत करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित सभी परिवारों को सरकारी नियमों के तहत समान राहत मिलनी चाहिए। मीनाक्षी देवी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलकर मकान निर्माण के लिए उचित सहायता की मांग करने का भी निर्णय लिया है।
अपील: पीड़ित परिवार की मदद के लिए खबर के साथ दिए गए फोटो में मौजूद स्कैनर के माध्यम से सहयोग किया जा सकता है। आपकी छोटी-सी मदद किसी का आशियाना फिर से बनाने में सहायक हो सकती है।
