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शिमला, 20 जनवरी। राज्य परिवहन विकास एवं सड़क सुरक्षा परिषद की पाँचवीं बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की। बैठक में परिवहन सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, सरल व डिजिटल बनाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए एम-फिटनेस ऐप एवं ई-डैशबोर्ड का शुभारंभ किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन फिटनेस से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से स्वीकृति प्रदान की जाएगी, जिससे आम जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ई-डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदेशभर में स्थापित इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
बैठक में बताया गया कि बीते तीन वर्षों में परिवहन विभाग की आय में 71 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में यह विभाग प्रदेश का दूसरा सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाला विभाग बन गया है, जो सरकार की नीतियों और डिजिटल सुधारों की सफलता को दर्शाता है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने 5 वर्ष पुरानी टैक्सियों को ई-टैक्सी में परिवर्तित करने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इसके प्रथम चरण में 1000 टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने का प्रस्ताव है।
सड़क सुरक्षा को लेकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। किसी सड़क दुर्घटना में पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति को ₹25,000 का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही दुर्घटना के बाद 7 दिन तक ₹1.50 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है, ताकि प्रदेशवासियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
