न्यूज अपडेट्स
कुल्लू, 08 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आए दिन सामने आ रहे दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामलों ने समाज और प्रशासन दोनों को झकझोर कर रख दिया है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला हिमाचल के कुल्लू जिला से सामने आया है। यहां घर से स्कूल के लिए निकली लड़की के साथ रास्ते में ही दो युवकों ने दुष्कर्म कर दिया। मामले में अब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला कुल्लू जिला के डोभी दवाड़ा का बताया जा रहा है। यहां घर से स्कूल जा रही लड़की को रास्ते में दो युवकों ने घेर लिया। इस दौरान युवकों ने लड़की यौन उत्पीड़न किया। लड़की मात्र 15 साल की बताई जा रही है। लड़की के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगामी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार यह घटना 3 जनवरी की बताई जा रही है, जब नाबालिग घर से स्कूल के लिए निकली थी। आरोप है कि इसी दौरान डोभी-दवाड़ा क्षेत्र में आरोपियों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। नाबालिग के साथ यौन दुराचार के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी भी नाबालिग बताया जा रहा है। पीड़िता की माता की शिकायत के आधार पर महिला थाना कुल्लू में पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले के सामने आते ही पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच करवाई और बयान दर्ज किए। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और जांच के हर पहलू को खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत जो भी तथ्य सामने आएंगेए उसके आधार पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराधों के मामले लगातार चर्चा में हैं। खासतौर पर स्कूलए ट्यूशन या रोजमर्रा के कामों के लिए घर से निकलने वाली बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि केवल कानून ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और सतर्कता भी जरूरी है। स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा व्यवस्थाए सुरक्षित रास्ते और समय.समय पर जागरूकता अभियान चलाने की मांग भी उठने लगी है।
