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शिमला, 17 जनवरी। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्रियों के बीच चल रहा वाकयुद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है। सरकार के भीतर दो गुट बनते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। इसी कड़ी में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर एक बार फिर बिना नाम लिए निशाना साधा है।
नौणी विश्वविद्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि जो भी घटनाक्रम सामने आ रहा है, वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग निर्णय नहीं ले पाते और फिर जनता के बीच जाकर अपनी बात रखते हैं, वह उचित नहीं है। सरकार में जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनके पास अपनी बात रखने के लिए अलग मंच मौजूद है और उसी मंच पर मुद्दे उठाए जाने चाहिए।
कीटनाशक दवाइयों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए कानून पर विचार
बागवानी मंत्री नेगी ने बताया कि प्रदेश सरकार कीटनाशक दवाइयों की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। वर्तमान में इन दवाओं की कीमतों पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिसके चलते किसानों और बागवानों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि कीटनाशकों की कीमतें तय सीमा में रहें ताकि किसानों को राहत मिल सके।
भांग की खेती सरकार की प्राथमिकता
जगत सिंह नेगी ने कहा कि भांग की खेती सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए कृषि विश्वविद्यालय और बागवानी विश्वविद्यालय को फंड जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि भांग की खेती दो प्रकार से की जाएगी—औद्योगिक खेती पूरे प्रदेश में और औषधीय खेती चिन्हित क्षेत्रों में होगी। दोनों प्रकार की खेती के लिए सरकार अलग-अलग मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) तैयार करेगी, ताकि जल्द से जल्द इसकी शुरुआत हो सके और किसानों व बागवानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
