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सोलन, 30 जनवरी। पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) सोलन में हुए फर्जीवाड़े में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अभी तक की जांच में पता चला है कि शातिरों ने उत्तर प्रदेश में खरीदे गए ट्रकों को सोलन में पंजीकृत किया है। यहां पर सोलन के शामती के एड्रेस पर ट्रक पंजीकृत किए गए। इन ट्रकों में वजन उठाने की तय क्षमता को भी बढ़ाकर दिखाया गया, जिससे वह जिस भी फर्म या कंपनी में लगें, उन्हें अधिक वजन में लिया जाए।
यही नहीं, इन ट्रकों की फिजिकल वेरिफिकेशन भी एमबीआई से नहीं करवाई गई थी, जिसके बाद यह मामला पकड़ में आया। वहीं शातिरों ने बिलासपुर जिले के झंडूता में इन ट्रकों को सामान ढुलाई के लिए भेज दिया है। हालांकि यह किस कंपनी का क्या सामान ढो रहे हैं। इसका पता करने के लिए झंडूता प्रशासन को पत्र लिखा गया है। पूरे प्रकरण में अब आरएलए सोलन के क्लर्क की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है। जांच में यह भी पाया गया है कि क्लर्क के नाम पर दो आईडी चल रहीं थीं। इसमें एक आईडी का एक्सेस किसी दूसरी जगह लॉगिन हो रहा था। इसी लॉगिन से इन ट्रकों को बिना किसी वेरिफिकेशन के पंजीकृत कर दिया गया। हालांकि, जब मामला संज्ञान में आया तो क्लर्क इस मामले में टालमटोल कर रहा है। इससे अब उस पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
अभी तक जांच में पाया गया कि तीन ट्रकों का पंजीकरण इस फर्जी लॉगिन आईडी से हुआ है। तीन ट्रक उत्तर प्रदेश के हैं। वहीं अब पुलिस जांच कर रही है कि कहीं अन्य जगहों पर तो इस तरह से फर्जी पंजीकरण तो नहीं किया गया। इसमें बड़े नेटवर्क को लेकर भी पुलिस अपनी जांच बढ़ा रही है। वहीं कब से यह लॉगिन एक्सेस हुआ था, उसे लेकर भी छानबीन की जा रही है।
आरएलए की शिकायत पर जांच में पाया गया कि यह ट्रक उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि सोलन के एड्रेस पर पंजीकृत हुए हैं। मामले में आगामी जांच भी की जा रही है। पुलिस इसमें मुख्य नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। -गौरव सिंह, एसपी सोलन
