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शिमला, 23 जनवरी। अंबुजा–अदानी सीमेंट कंपनी के खिलाफ अवैध खनन और अनियंत्रित ब्लास्टिंग से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों का मामला अब उद्योग मंत्री के बाद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तक पहुंच गया है। सीमेंट उद्योग माइनिंग प्रभावित मंच के प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर कंपनी और जिला प्रशासन की कथित लापरवाहियों पर विस्तृत शिकायतें दर्ज करवाईं।
मंच के राज्य संयोजक संदीप ठाकुर और मुख्य कानूनी सलाहकार रजनीश शर्मा ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि हाल ही में ब्लास्टिंग और अवैध खनन की जांच के लिए आए डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएमएस) सी. रामचंद्रन की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी ने कंपनी की मेहमाननवाजी स्वीकार करते हुए निष्पक्ष जांच नहीं की और ग्रामीणों के कैमरे जबरन बंद करवाए गए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी सवाल उठाया कि डीजीएमएस अधिकारी तीन दिन तक दाड़ला में कहां रुके, किसके साथ रहे और उनके ठहरने–खाने तथा गाड़ियों की व्यवस्था किसने की। किसानों का आरोप है कि जांच के दौरान न तो कोई दस्तावेज शिकायतकर्ताओं को दिखाए गए और न ही घुमरो, मांगू, कसलोग और संघोई धार जैसे प्रभावित गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनी गईं, जबकि कई स्थानों पर पत्थर गिरने और घरों में दरारें आने के मामलों में एफआईआर भी दर्ज है।
ग्रामीणों का कहना है कि डेंजर जोन में हो रही ब्लास्टिंग से उनके मकानों में दरारें आ रही हैं और यह बात सभी जानते हैं, लेकिन कंपनी और कुछ अधिकारी इसे छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। इस कथित मिलीभगत के विरोध में ग्रामीणों ने मौके पर डीजीएमएस के खिलाफ नारेबाजी भी की।
मंच ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि जिला प्रशासन और जांच अधिकारियों की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में कंपनी के दबाव में काम करने वाले अधिकारियों पर अंकुश लग सके। इस पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जिला और राज्य के उच्च अधिकारियों को प्रभावितों की समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई करने और अवैध खनन पर रोक लगाने का आश्वासन दिया।
इधर, अंबुजा सीमेंट के माइनिंग प्रभावितों के समर्थन में अब एसीसी सीमेंट कंपनी से जुड़े किसान भी सामने आ गए हैं। मंच के उप प्रधान कश्मीर सिंह ने बताया कि एसीसी कंपनी द्वारा भी बिलासपुर क्षेत्र में अवैध खनन और अनियंत्रित ब्लास्टिंग की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अंबुजा प्रभावितों की आवाज नहीं सुनी तो बिलासपुर स्थित एसीसी कंपनी के बाहर भी हड़ताल शुरू की जाएगी।
अंबुजा प्रभावितों के समर्थन में रविवार को पंजगाई में दाड़लाघाट और माइनिंग प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की संयुक्त बैठक बुलाई गई है। मंच ने अर्की और बिलासपुर क्षेत्र के सभी प्रभावित और विस्थापित परिवारों से अदानी समूह की कथित मनमानी और शोषण के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। पूर्व विधायक के.के. कौशल और इंटक के प्रदेश अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने भी फोन के माध्यम से आंदोलन को अपना समर्थन देने और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
