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धर्मशाला, 02 जनवरी। हिमाचल प्रदेश के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धर्मशाला में रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। बीए सेकेंड ईयर की 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी की अस्पताल में मौत के बाद यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के पिता विक्रम कुमार की शिकायत पर पुलिस ने तीन छात्राओं और एक प्रोफेसर के खिलाफ रैगिंग निषेध अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में पिता ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी। बताया गया कि 18 सितंबर 2025 को पल्लवी ने अपने पिता को फोन कर कॉलेज की कुछ छात्राओं द्वारा परेशान किए जाने की जानकारी दी थी। पीड़िता ने जिन छात्राओं के नाम बताए, उनमें हिमा, आकृति और कामलिका शामिल हैं।
शिकायत के अनुसार, घर लौटने पर पल्लवी ने रोते हुए बताया कि आरोपित छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की, गले से चेन छीनी और उसे धमकाया। इस घटना के बाद उसकी मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। वह दिन-रात रोती रहती थी और कॉलेज जाने से इनकार करने लगी। परिजनों के अनुसार, पल्लवी हमेशा डर के साये में रहने लगी थी और उसे आशंका थी कि उसे नुकसान पहुंचाया जाएगा।
20 सितंबर 2025 को पल्लवी ने कॉलेज न जाने की बात कहते हुए कंप्यूटर की पढ़ाई करने की इच्छा जताई, जिसके बाद परिजनों ने उसे धर्मशाला के एक कंप्यूटर सेंटर में दाखिल करवा दिया। हालांकि, इसके बावजूद उसकी मानसिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि मौत से पहले पल्लवी ने अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने कॉलेज में रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न और कुछ गंभीर आरोप लगाए थे। यह वीडियो अब जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल वीडियो और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन और शिक्षा विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
