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बिलासपुर, 28 जनवरी। हिमाचल प्रदेश के मुख कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत की बात है। अब जटिल और महंगी पुनर्निर्माण सर्जरी के लिए उन्हें चंडीगढ़ या अन्य महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
एम्स बिलासपुर ने पिछले दो वर्षों में 60 मुख कैंसर मरीजों की सफल सर्जरी और पुनर्निर्माण कर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश में भी उच्च स्तरीय इलाज संभव है। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डा. नवनीत ने बताया कि मुख कैंसर का इलाज केवल ट्यूमर हटाने तक सीमित नहीं होता। पुनर्निर्माण सर्जरी मरीज की वाणी, निगलने की क्षमता और आत्मसम्मान को दोबारा लौटाने में अहम भूमिका निभाती है। एम्स बिलासपुर में मुख कैंसर का उपचार बहु-विभागीय समन्वय से किया जा रहा है।
ऑन्कोसर्जरी, ईएनटी और दंत चिकित्सा विभाग ट्यूमर हटाने का कार्य करते हैं, जबकि प्लास्टिक सर्जरी विभाग जटिल पुनर्निर्माण करता है। इसके बाद मरीजों को रेडिएशन और मैडीकल ऑन्कोलॉजी की सुविधाएं भी यहीं उपलब्ध कराई जाती हैं। डॉ. नवनीत ने बताया कि एम्स में 24 मामलों में फ्री फ्लैप तकनीक से शरीर के दूरस्थ हिस्सों के ऊतकों का उपयोग किया गया जबकि 36 मामलों में लोकल फ्लैप तकनीक से सफल पुनर्निर्माण किया गया।
ये सर्जरी कई घंटों तक चलने वाली और अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है, जिन्हें एम्स की विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों का इलाज खर्च कम हुआ है, उन्हें परिवार से दूर रहकर इलाज कराने की मजबूरी से भी राहत मिली है। समय पर और बेहतर इलाज मिलने से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है।
