न्यूज अपडेट्स
शिमला, 06 जनवरी। पंचायत राज विभाग ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए पंचायतों की ओर से जारी की जाने वाली अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश सरकार ने सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए एनओसी जारी करने और अस्वीकृत करने की पूरी प्रक्रिया को डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से जोड़ दिया है। इसके बाद पंचायतें अब मैनुअल तरीके से एनओसी जारी नहीं कर सकेंगी।
नए निर्देशों के अनुसार, एनओसी जारी करने से पहले पंचायत सचिव राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पंचायत और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की जांच करेगा। जांच के बाद प्रस्ताव पारित किया जाएगा और स्वीकृति या अस्वीकृति के स्पष्ट कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। सभी आवेदन, प्रस्ताव और प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन माध्यम से ही संसाधित किए जाएंगे।
ग्राम सभाओं पर भी कड़ी निगरानी
सरकार ने ग्राम सभाओं में पारित होने वाले प्रस्तावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त कदम उठाए हैं। अब पंचायतों में होने वाली ग्राम सभाओं से बीडीओ और एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी ऑनलाइन जुड़ेंगे। इसके साथ ही पंचायत भवनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जिन हॉलों में ग्राम सभा की बैठक होती है, वहां भी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे।
सरकार के संज्ञान में आया है कि कई बार ग्राम सभाओं में चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को दरकिनार कर प्रस्ताव पारित कर दिए जाते हैं। इसी को रोकने के उद्देश्य से पंचायतीराज विभाग ने यह फैसला लिया है, ताकि ग्राम सभाओं की कार्यवाही में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत नजर रखी जा सके।
इन नए प्रावधानों से भवन निर्माण से जुड़े मामलों में नियमों का सख्ती से पालन होगा और पंचायत स्तर पर होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।
