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धर्मशाला/कांगड़ा, 10 जनवरी। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की ग्राम पंचायत लोअर लंबागांव के उपप्रधान हरि दास को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में पद से हटा दिया गया है। उपायुक्त कांगड़ा (धर्मशाला) ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 122 (1)(क) के तहत कार्रवाई करते हुए यह आदेश पारित किए।
जानकारी के अनुसार, तहसील जयसिंहपुर के अंतर्गत सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत उपप्रधान हरि दास के खिलाफ प्राप्त हुई थी। मामले की जांच तहसीलदार जयसिंहपुर द्वारा की गई, जिसमें पाया गया कि संबंधित भूमि सरकारी है और उस पर लगभग दो मीटर क्षेत्र में कब्जा कर फसल बोई गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि यह अतिक्रमण वर्ष 2024 में किया गया था और पूर्व में जारी नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया।
जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद उपप्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उपायुक्त हेम राज बैरवा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कोई भी पंचायत प्रतिनिधि यदि सरकारी भूमि पर स्वयं अतिक्रमण करता है या अतिक्रमण करवाता है, तो वह पद पर बने रहने का पात्र नहीं है।
इसी आधार पर उपायुक्त ने ग्राम पंचायत लोअर लंबागांव के उपप्रधान हरि दास को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के आदेश जारी किए। प्रशासन ने इस कार्रवाई को पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और कानून के पालन की दिशा में अहम कदम बताया है।
