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बिलासपुर, 17 जनवरी। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कार्यालयों में कागज रहित और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई एचपी ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला बिलासपुर ने प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह प्रणाली राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित ई-ऑफिस उत्पाद सूट पर आधारित है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को सुदृढ़ करना है।
एचपी ई-ऑफिस के माध्यम से पारंपरिक कागज आधारित फाइल प्रणाली को पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था से प्रतिस्थापित किया गया है। इससे न केवल समय और लागत की बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित हुआ है। ई-फाइल प्रणाली के तहत फाइलों का निर्माण, डायरीकरण, ट्रैकिंग और रिकॉर्ड प्रबंधन अब पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ और अधिक प्रभावी बनी है। सुरक्षित वेब-आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए अधिकारियों को कहीं से भी कार्य करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालयों द्वारा ई-ऑफिस प्रणाली के उपयोग का मूल्यांकन किया गया, जिसमें बिलासपुर जिला 12,887 ई-फाइल्स के साथ पहले स्थान पर रहा। इस सूची में चंबा जिला दूसरे और मंडी जिला तीसरे स्थान पर रहा। खास बात यह रही कि शिमला, सोलन और कांगड़ा जैसे बड़े जिलों को पीछे छोड़ते हुए बिलासपुर ने यह शीर्ष स्थान हासिल किया।
इस उपलब्धि पर उपायुक्त राहुल कुमार ने जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली को पूरी निष्ठा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपनाने का परिणाम आज प्रदेश स्तर पर सामने आया है। उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी जिला प्रशासन डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आम जनता को पारदर्शी, त्वरित और उत्तरदायी सेवाएं प्रदान करता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि ई-ऑफिस जैसी डिजिटल पहलें शासन प्रणाली में सकारात्मक बदलाव की आधारशिला हैं, जिनसे न केवल कार्य संस्कृति में सुधार होता है, बल्कि प्रशासन पर जनता का विश्वास भी और अधिक मजबूत होता है।
