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कुल्लू, 29 जनवरी। देवभूमि हिमाचल के कुल्लू में उस वक्त सांसें थम गईं, जब सैलानियों से लदा एक वाहन मौत के मुहाने पर जाकर रुक गया। ढलान और फिसलन भरी राहों पर यमराज ने दस्तक तो दी, लेकिन किस्मत मुसाफिरों के साथ थी।
भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर छन्नीखोड़ के पास एक निजी बस अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई। यह बस पर्यटकों को लेकर जा रही थी और जैसे ही अनियंत्रित हुई, सीधे गहरी खाई की तरफ बढ़ गई। बस के पहिए सड़क के आखिरी छोर पर जाकर ठिठक गए। नीचे उफनती पार्वती नदी मौत बनकर बह रही थी, लेकिन बस का किनारा पकड़ लेना किसी चमत्कार से कम नहीं था।
हादसे के दौरान बस के भीतर सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। जैसे ही बस सड़क के कोने पर झुकी, पर्यटकों की चीखें गूंज उठीं। गनीमत रही कि बस नदी में नहीं गिरी, वरना एक बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, हालांकि इस घटना ने सबको बुरी तरह डरा दिया है।
पहाड़ी रास्तों पर इन दिनों सुबह और शाम के वक्त जमने वाला पाला (Frost) सफर को जोखिम भरा बना रहा है। सड़कें शीशे की तरह चिकनी हो जाती हैं, जिससे वाहनों के टायर पकड़ छोड़ देते हैं। इसके साथ ही खस्ताहाल सड़कों ने ड्राइवरों की चुनौती को दोगुना कर दिया है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने पर्यटकों को इन संकरी और फिसलन भरी गलियों में बेहद सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी है।
