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शिमला, 29 जनवरी। हिमाचल प्रदेश सहित देशभर में कांग्रेस संगठन की कार्यकारिणी का गठन एक माह के भीतर कर लिया जाएगा। इस संबंध में पार्टी आलाकमान के साथ दिल्ली में हुई बैठक में सहमति बन गई है। प्रदेश स्तर पर विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों की कार्यकारिणियों के गठन की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी, जिसके लिए आपसी सहमति बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
यह जानकारी हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश कांग्रेस में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है। छोटी-मोटी मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन पार्टी के भीतर सभी को अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है। इसके बावजूद उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पार्टी की एकता सर्वोपरि रहेगी।
केंद्रीय बजट को लेकर पूछे गए सवाल पर विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल के किसान, बागवान और पिछड़े वर्ग केंद्र सरकार से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। उन्हें आशा है कि आगामी बजट में इन वर्गों को ठोस राहत मिलेगी और उनकी आय व आजीविका से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक घोषणाएं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिकी में कृषि और बागवानी की अहम भूमिका है, ऐसे में बजट में इन क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मनरेगा के मुद्दे पर विनय कुमार ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी को कांग्रेस पार्टी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर दो घंटे का शांतिपूर्ण अनशन करेगी। इस अनशन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। अनशन के माध्यम से केंद्र सरकार से मनरेगा सहित जनहित से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की जाएगी।
