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बिलासपुर, 24 जनवरी। शिक्षा एवं मुद्रण तथा लेखन सामग्री मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को उपमंडल सदर बिलासपुर के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले परीक्षा भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और विभिन्न शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और रोजगारोन्मुखी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आगामी वित्त वर्ष में राज्य बजट का लगभग 17 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर व्यय किया जाएगा, जिसके तहत 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। यह निवेश शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा।
रोहित ठाकुर ने कहा कि स्कूल शिक्षा में संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रशासनिक समन्वय के उद्देश्य से शिक्षा निदेशालयों का पुनर्गठन किया गया है। इसके तहत स्कूली शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम लागू किया गया है, ताकि विद्यार्थी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।
उन्होंने प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा पर जोर देते हुए बताया कि सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू की गई हैं और इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रगति पर है। बच्चों की रुचि के अनुरूप पाठ्य सामग्री एससीईआरटी सोलन के सहयोग से विकसित की गई है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 8 हजार शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं, जिनमें बैचवाइज 4 हजार शिक्षक शामिल हैं। 937 टीजीटी की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जबकि 1800 जेबीटी की भर्ती चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए 387 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजे गए हैं।
उन्होंने बताया कि छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित रखने के लिए युक्तिकरण की प्रक्रिया जारी है। विद्यालयों में फर्नीचर, खेल सामग्री, संगीत वाद्ययंत्र और खेल मैदान जैसे संसाधनों को साझा करने की व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में अधिसूचित कर स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी और वर्चुअल कक्षाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों की डिजिटल उपस्थिति के लिए स्मार्ट उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। लगभग 33 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और कैंब्रिज विश्वविद्यालय के सहयोग से आकलन आधारित ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को विदेश भेजा गया है।
उन्होंने ‘अपना विद्यालय’ योजना, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति, शून्य नामांकन वाले विद्यालयों के युक्तिकरण, मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना और शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड परामर्श जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स और राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में प्रदेश की रैंकिंग में सुधार को उन्होंने शिक्षा सुधारों की सफलता बताया।
शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रदेश के 130 सरकारी विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पंजगाईं को आगामी चरण में सीबीएसई स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शामिल करने, स्कूल की बाउंड्री वॉल के लिए 10 लाख रुपये और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के लिए 21 हजार रुपये देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, तिलक राज शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, प्रदेश बाल कल्याण समिति सदस्य तृप्ता ठाकुर, एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह, जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा रेणु कौशल, डाइट उप उपनिदेशक निशा गुप्ता, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा नरेश चंद सहित अन्य अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
