न्यूज अपडेट्स
बिलासपुर, 22 जनवरी। परिवहन निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने जिला बिलासपुर के पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) में फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर वाहनों के कथित पंजीकरण से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।
यह समिति राज्य परिवहन प्राधिकरण, हिमाचल प्रदेश के सचिव की अध्यक्षता में कार्य करेगी। समिति में तिलोक चंद, उप प्रबंधक (आईटी), परिवहन निदेशालय, हिमाचल प्रदेश, शिमला-4 तथा पंकज सिंह, वरिष्ठ मोटर वाहन निरीक्षक, कार्यालय आरटीओ शिमला को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
इस बात की पुष्टि करते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि इस समिति द्वारा मैसर्स रुआन एंटरप्राइजेज से ई-मेल के माध्यम से प्राप्त शिकायत की विस्तृत जांच की जाएगी। शिकायत में जिला बिलासपुर में फर्जी दस्तावेज़ों, अनधिकृत एनओसी एवं मैनुअल प्रविष्टियों के आधार पर वाहनों के कथित धोखाधड़ीपूर्ण पंजीकरण के आरोप लगाए गए हैं। इसमें विशेष रूप से एचपी-97 (इंदौरा) बीएस-4 तथा अन्य श्रेणियों के अंतर्गत बिना समुचित सत्यापन के पंजीकरण एवं कुछ बाहरी व्यक्तियों की संभावित संलिप्तता का उल्लेख किया गया है।
यह समिति शिकायत में उल्लिखित तथ्यों का सत्यापन, पंजीकरण प्रक्रिया में संभावित चूक/त्रुटियों की पहचान तथा अधिकारियों अथवा बाहरी व्यक्तियों की कथित भूमिका की जांच करेगी। इस समिति को 15 दिनों के भीतर तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट, निष्कर्ष एवं अनुशंसाओं सहित परिवहन निदेशालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
