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हिमाचल : रात को जंगल पहुंची नारी शक्ति, नशा तस्करों के बाद वन माफिया पर कार्रवाई

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न्यूज अपडेट्स 
ऊना, 16 दिसंबर। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों से अपने बच्चों के साथ साथ पूरी युवा पीढ़ी को बचाने के लिए रात के अंधेरे में सड़कों पर उतरी नारी शक्ति अब वन माफिया के लिए भी काल बन गई है। यह महिलाएं चिट्टा तस्करों के साथ साथ अब रात के अंधेरे में जंगलों को साफ करने वाले वन काटुओं को भी सबक सिखाने लगी है। ऐसा ही एक मामला हिमाचल के ऊना जिला से सामने आया है। यहां रात के अंधेरे में जंगल में पेड़ काट रहे एक दर्जन से भी अधिक वन काटूओं पर यह नारी शक्ति भारी पड़ गई।

दरअसल हिमाचल के ऊना जिले की महिलाओं ने एक और सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए 18 लोगों को अवैध वन कटाई से ना सिर्फ रोक दिया, बल्कि उनसे भारी भकम जुर्माना भी वसूल किया। हालांकि महिलाओं ने नर्मी दिखाते हुए आगे से ऐसा कार्य ना करने और माफी मांगने के बाद इन सभी वन काटुओं को जाने दिया।

बता दें कि ऊना जिले के भाड़िया पंचायत की धारला महिला मंडल ने वन सुरक्षा के लिए एक साहसिक कदम उठाया है। मामला बीती रात का है, जब महिलाओं को जानकारी मिली कि जंगल में अवैध कटान हो रहा है। उन्होंने बिना देर किए एक टीम बनाई और जंगल की ओर रवाना हुई।

वहां पर उन्होंने देखा कि 15 से 18 लोग वन की कटाई कर रहे है। महिलाओं ने साहस दिखाते हुए इन लोगों को पेड़ न काटने की चेतावनी दी। महिलाओं का गुस्सा देखकर वन माफिया में हड़कंप मच गया। जो लोग रात के अंधेरे में लकड़ी काटकर ले जाने वाले थे, अब उन्हें महिलाओं के सामने झुककर माफी मांगनी पड़ी।

महिला मंडल ने वन माफिया को आगे से जंगल में अवैध रूप से पेड़ ना काटने की चेतावनी देते हुए जाने दिया। लेकिन उससे पहले इन महिलाओं ने इन वन काटुओं से 1,500 रुपये का जुर्माना वसूल किया और अवैध कटाई में इस्तेमाल होने वाले औजार और लकड़ी अपने कब्जे में ले लिए। इस कार्रवाई में महिला मंडल की प्रधान गिट्टो देवीसचिव विद्या देवी, और अन्य सदस्यों तारा, कविता, शीला, मांगी, पूजा, चंपा, कीर्ति और गीता की अहम भूमिका रही।

महिला सचिव विद्या देवी ने बताया कि बांदिल और कोफर गांव के कुछ लोग उनके जंगल से अवैध तरीके से लकड़ी और घास-पत्ती काटकर ले जा रहे थे। सूचना मिलते ही महिला मंडल ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि महिला मंडल पिछले छह वर्षों से जंगलों और वन संपदा की सुरक्षा में सक्रिय है और जंगलों की अवैध कटाई रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान और सतर्कता जारी रखे हुए हैं।

बीते रविवार को बिलासपुर जिले में भी महिलाओं ने एक अभियान चलाया। रात में महिलाएं हाथों में डंडे लेकर नशे के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रही थीं। इस पहल से लोगों में जागरूकता बढ़ रही है।

महिलाओं की इस तरह की पहल सिर्फ वन संपदा की रक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह भी दिखाती है कि स्थानीय समुदाय, खासकर महिलाएं, समाज और पर्यावरण की सुरक्षा में कितना बड़ा योगदान दे सकते हैं। उनकी हिम्मत और साहस ने जंगल और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में एक मिसाल कायम की है।

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