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पांवटा साहिब, 27 दिसंबर। विश्व प्रसिद्ध रेसलर द ग्रेट खली (दिलीप सिंह राणा) और पांवटा साहिब के स्थानीय तहसीलदार के बीच जमीन की पैमाइश को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार को पांवटा साहिब में आयोजित एक प्रेस वार्ता में द ग्रेट खली ने खुलकर अपनी बात रखी और तहसीलदार पर नियमों की अनदेखी तथा पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाए।
प्रेस वार्ता के दौरान द ग्रेट खली ने कहा कि यह जमीन उनकी खून-पसीने की कमाई से खरीदी गई है और उसके साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन की निशानदेही के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। न तो आसपास के वास्तविक हितधारकों को बुलाया गया और न ही पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखा गया। खली का कहना है कि एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए चुपचाप निशानदेही कर दी गई।
द ग्रेट खली ने यह भी दावा किया कि इस तरह की कथित अनियमितताएं केवल उनके मामले तक सीमित नहीं हैं। प्रेस वार्ता में पांवटा साहिब के कुछ अन्य लोग भी सामने आए, जिन्होंने तहसीलदार पर इसी प्रकार के आरोप लगाए। खली ने कहा कि गांव में कई पीड़ित ऐसे भी हैं, जिनमें विधवा महिलाएं और गरीब लोग शामिल हैं, जो डर या संसाधनों की कमी के कारण अब तक सामने नहीं आ पाए थे।
उन्होंने कहा कि गुरु की नगरी पांवटा साहिब में यदि कोई अधिकारी भ्रष्टाचार और आम लोगों के शोषण में लिप्त है, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोगों से डर छोड़कर सच्चाई के साथ सामने आने की अपील की।
प्रेस वार्ता के दौरान द ग्रेट खली ने मीडिया के सामने कुछ दस्तावेज भी प्रस्तुत किए और दावा किया कि ये दस्तावेज उनके आरोपों की पुष्टि करते हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
