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हिमाचल: पैराग्लाइडर हुआ हादसे का शिकार, अचानक बिगड़ा संतुलन, पायलट की मौत

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न्यूज अपडेट्स 
कांगड़ा, 28 दिसंबर। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में उस समय सन्नाटा पसर गया जब आसमान में उड़ रहा एक पैराग्लाइडर हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में पैराग्लाइडर पायलट की दुखद मौत हो गई है। जबकि, पैराग्लाइडिंग कर रहा पर्यटक सुरक्षित बच गयैा।

यह हादसा विश्वप्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थल बीड़-बीलिंग में हुआ- जहां पर हवा में पैग्लाइडर की लाइनों और विंग सिस्टम में अचानक खराबी आ गई। इससे पायलट का संतुलन बिगड़ गया और वो तेजी से गिर गया।

शुक्रवार दोपहर टेंडम पैराग्लाइडिंग के दौरान हुए इस हादसे ने न सिर्फ एक अनुभवी पायलट की जान ले ली, बल्कि एडवेंचर टूरिज्म की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारी के अनुसार, बिलिंग टेक-ऑफ साइट से पायलट ने एक पर्यटक के साथ सामान्य प्रक्रिया के तहत टेंडम उड़ान भरी थी। मौसम साफ था और शुरुआती उड़ान में किसी तरह की परेशानी नजर नहीं आई। लेकिन कुछ ही क्षणों बाद हवा में पैराग्लाइडर के विंग और लाइनों में अचानक तकनीकी खराबी आ गई।

तकनीकी गड़बड़ी के कारण ग्लाइडर संतुलन खो बैठा और तेजी से नीचे की ओर गिरने लगा। पायलट ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन ऊंचाई कम होने और सिस्टम फेल होने के कारण क्रैश-लैंडिंग से बचा नहीं जा सका।

नीचे गिरते समय पायलट को गंभीर चोटें आईं, जबकि पर्यटक को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पैराग्लाइडिंग साइट पर तैनात स्टाफ और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। दोनों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया।

हालांकि, हालत नाजुक होने के कारण पायलट ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने पर्यटक का प्राथमिक उपचार किया और उसे खतरे से बाहर बताया है। घटना के बाद इलाके में शोक और सन्नाटा फैल गया। मृतक की पहचान मोहन सिंह के रूप में हुई है- जो कि मंडी के बरोट का रहने वाला था। लोगों का कहना है कि मोहन सिंह एक अनुभवी पैराग्लाइडिंग पायलट था। मोहन सिंह की मौत के बाद पूरे इलाके में शौक की लहर है।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और पर्यटन विभाग हरकत में आ गया। मौके का निरीक्षण किया गया और पैराग्लाइडर उपकरणों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उड़ान से पहले तकनीकी जांच पूरी तरह की गई थी या नहीं, और कहीं उपकरणों की मेंटेनेंस में लापरवाही तो नहीं हुई।

जिला कांगड़ा के DTO विनय कुमार ने बताया कि साइट पर तैनात मार्शल, तकनीकी सलाहकार और संबंधित ऑपरेटर से सभी दस्तावेज तलब किए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बीड़–बिलिंग देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के बेहतरीन पैराग्लाइडिंग स्थलों में गिना जाता है। हर साल यहां हजारों देशी-विदेशी पर्यटक रोमांच का अनुभव लेने पहुंचते हैं। लेकिन बीते कुछ वर्षों में सामने आए हादसों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सुरक्षा मानकों का पूरी ईमानदारी से पालन हो रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पैराग्लाइडिंग जैसे जोखिम भरे खेल में उपकरणों की नियमित जांच, मौसम की सटीक जानकारी और पायलटों की निरंतर ट्रेनिंग बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

इस हादसे के बाद प्रशासन और पर्यटन विभाग पर दबाव बढ़ गया है कि वे एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े नियमों को और सख्ती से लागू करें। स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि रोमांच के साथ-साथ सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

पैराग्लाइडिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की जा रही है। बीड़–बिलिंग की उड़ानों पर इस घटना की छाया साफ तौर पर देखी जा सकती है, जहां रोमांच के इस खेल ने एक बार फिर गहरा जख्म दे दिया है।

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