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शिमला, 29 दिसंबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आईजीएमसी शिमला में हुई हालिया घटना की पुनः जांच के लिए नई समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में नैतिकता और संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर देते हुए चिकित्सकों के लिए अनिवार्य ह्यूमन बिहेवियर और मैन-मैनेजमेंट कोर्स शुरू करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों द्वारा मरीजों के साथ किए जाने वाले अच्छे व्यवहार को उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में शामिल करने पर विचार कर रही है। वहीं उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई मरीज या तीमारदार चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार करता है तो चिकित्सकों को इसकी सूचना तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है, ताकि स्वास्थ्य कर्मी बिना मानसिक दबाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक सैकड़ों पद भरे जा चुके हैं और आने वाले समय में और भर्तियां की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षित और विशेषज्ञ चिकित्सकों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने पर भी प्रदेश सरकार विचार कर रही है।
