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बिलासपुर, 26 अप्रैल। वर्षों से चले आ रहे बिलासपुर–दिल्ली बस रूट को बिलासपुर डिपो से मंडी डिपो में स्थानांतरित किए जाने के बाद अब इसे दोबारा बिलासपुर डिपो में वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले बिलासपुर प्रबंधन द्वारा इस रूट को बसों सहित मंडी डिपो में शिफ्ट कर दिया गया था। लेकिन प्रबंधन की कार्यकुशलता में कमी के चलते अब इसका खामियाजा बिलासपुर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। रूट के स्थानांतरण के बाद से यह बस नियमित रूप से दिल्ली नहीं जा पा रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि फोरलेन बनने के बाद अधिकतर रूटों को बिलासपुर शहर से बाहर डायवर्ट कर दिया गया है, और इसी बीच जब यह रूट मंडी डिपो में भेजा गया तो अव्यवस्थाएं और बढ़ गईं।
इन परिस्थितियों और स्थानीय जनता की मांग को देखते हुए हिमकोफेड के निदेशक आशीष ठाकुर ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि मंडी से दिल्ली बस रूट को तुरंत प्रभाव से वापस बिलासपुर डिपो में स्थानांतरित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि वर्तमान में मंडी डिपो इस रूट का सही तरीके से संचालन नहीं कर पा रहा, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ रही है।
वहीं, पूर्व युवा कांग्रेस सचिव अनिल कश्यप ने एक अन्य मुद्दा उठाते हुए बताया कि बिलासपुर डिपो की शिमला से कटरा जाने वाली बस शिमला से बिलासपुर के बीच कहीं भी नहीं रुकती। उन्होंने कहा कि लंबे सफर के दौरान यात्रियों को वॉशरूम जैसी जरूरी सुविधाओं की आवश्यकता होती है, इसलिए बस का एक निश्चित स्थान पर शॉर्ट स्टॉपेज होना बेहद जरूरी है। इस संबंध में मामला HRTC मुख्यालय के समक्ष उठाया गया है और जल्द ही बस के लिए उपयुक्त स्टॉपेज चिन्हित किए जाने की संभावना है।
