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शिमला, 30 नवंबर। हिमाचल कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठन बनाम सरकार की खींचतान लगातार सुर्खियाँ बटोर रही है। प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद से पार्टी के भीतर पदों की दौड़, गुटबाज़ी और शक्ति संतुलन की चर्चा तेज है। इसी बीच हाईकमान ने अब जिला अध्यक्षों की नई टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे संगठन के अंदर चल रही हलचल को संतुलित करने और 2027 की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।
हर जिले से 6 दावेदारों की सूची
कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश के सभी जिलों से छह-छह कर्मठ, निष्ठावान और प्रभावी कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह रिपोर्ट 5 दिसंबर तक हाईकमान को भेजनी होगी। सूत्रों के अनुसार दिसंबर महीने में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की संभावना है।
संगठन और सरकार में तालमेल बढ़ेगा
मंडी जिला पर्यवेक्षक राजेश ठाकुर ने परिधि गृह में पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने जा रही है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे ताकि जिला अध्यक्ष का चयन योग्यता और कार्य के आधार पर हो सके, न कि गुटबाज़ी के आधार पर।
संगठन की ताकत से दोबारा सत्ता में वापसी का दावा
राजेश ठाकुर ने कहा कि सरकार जनता से किए वादों को पूरा कर रही है और कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उनका कहना था कि अगर संगठन मजबूत होता है तो कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि अब जिला अध्यक्षों को अधिक अधिकार दिए जाएंगे ताकि संगठन की पकड़ और मजबूत हो।
केंद्र पर सौतेले व्यवहार का आरोप
इस दौरान ठाकुर ने केंद्र सरकार पर हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। कहा कि प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं, आर्थिक संकट और राजस्व घाटे से जूझ रहा है, पर केंद्र ने मदद के नाम पर प्रदेश को नजरअंदाज किया है।
