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कांगड़ा, 30 नवंबर। हिमाचल प्रदेश की सियासत एक बार फिर भूचाल में है। कांग्रेस छोड़कर BJP में आए धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने CM सुखविंदर सिंह सुक्खू पर ऐसा वार किया है, जिसकी गूंज सिर्फ शिमला तक ही सीमित नहीं, बल्कि दिल्ली तक सुनाई दे रही है।
CM को बताया ATM
राजनीति में कटाक्ष, आरोप और बयानबाजी तो हमेशा होती है, लेकिन इस बार सुधीर शर्मा जिस शब्द का इस्तेमाल कर बैठे उसने पूरे प्रदेश की राजनीति में आग लगा दी है। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि हम बिके हैं या नहीं, इसका साक्षी भगवान है। लेकिन तुमने जो कुर्सी खरीदी है, उसके कई इंसान गवाह हैं… CM इज ATM। इस मामले के बाहर आने के बाद से लोगों का कहना है कि हिमाचल में पहली बार किसी विधायक ने CM पर इतनी खुली और गंभीर टिप्पणी की है।
सुक्खू पर कुर्सी खरीदने का गंभीर आरोप
विधायक सुधीर शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि CM ने अपनी कुर्सी बचाने और आलाकमान को संतुष्ट रखने के लिए महीना दिया है। उन्होंने कहा कि किसे और कहां पैसा दिया जा रहा है, हमें सब पता है। उन्होंने इशारों में कहा कि CM की ताकत जनता नहीं, बल्कि आलाकमान को दी जाने वाली कथित रकम है।
पहले भी सुक्खू को ‘कार्टून’ कह चुके हैं सुधीर शर्मा
यह पहला मौका नहीं है जब सुधीर शर्मा ने CM पर हमला बोला है। कुछ दिन पहले उन्होंने CM की फोटो के साथ “प्रदेश के इतिहास में पहली बार- कार्टून का स्केच लिखकर पोस्ट किया था। उस समय कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज करवाया था। मीडिया सलाहकार नरेश चौहान और मंत्री विक्रमादित्य सिंह दोनों ने सुधीर को Himachal की भाषा-शैली को तोड़ने वाला बताया।
BJP में आने के बाद लगातार सुक्खू पर हमले तेज
सुधीर शर्मा पहले कांग्रेस में तीन बार के विधायक और शहरी विकास मंत्री रह चुके हैं। 2022 में उन्हें मंत्री पद नहीं मिला, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ती चली गई। राज्यसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ क्रॉस वोटिंग की और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। तब से वे लगातार मुख्यमंत्री सुक्खू पर प्रहार कर रहे हैं।
जब 6 विधायकों ने छोड़ा था साथ
हिमाचल की राजनीति में अभी भी वह दौर ताजा है जब राज्यसभा चुनाव के दौरान छह कांग्रेस विधायकों ने भाजपा को वोट दिया था। इन छः में से एक थे सुधीर शर्मा। उस बगावत के चलते कांग्रेस का उम्मीदवार हारा था और बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने छहों विधायकों को अयोग्य करार दिया। उपचुनाव में इनमें से चार बागियों को जनता ने हराया भी था।
