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कुल्लू, 29 अगस्त। हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से पहले ही संकटग्रस्त जनजीवन अब ईंधन आपूर्ति ठप होने से और अधिक प्रभावित हो गया है। कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बाधित होने के कारण पेट्रोल पंप संचालकों ने बिक्री बंद कर दी है।
बस सेवाएं ठप, लोग परेशान
निजी बस ऑपरेटरों की गाड़ियां खड़ी हो गई हैं, जबकि दोपहिया वाहन चालक पेट्रोल के लिए पंपों के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। कुल्लू में निजी बस ऑपरेटरों को डीजल न मिलने से भुंतर-बजौरा रूट पर बसें बंद करनी पड़ी हैं।
पैदल चलने को मजबूर लोग
कुल्लू बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष रजत जम्वाल ने बताया कि सड़कें बंद होने के कारण डीजल की कमी ने लोगों की आवाजाही बुरी तरह से बाधित कर दी है। लोगों को मजबूरन पैदल यात्रा करनी पड़ रही है।
सप्लाई चेन टूटी, बाजार खाली
लगातार चार से पांच दिनों से दूध, दही, मक्खन, पनीर, ब्रेड, सब्जियों और अखबार की सप्लाई नहीं हो पाई है। लगवैली क्षेत्र से आने वाला दूध पूरी तरह बंद है, केवल पाहनाला इलाके से सीमित मात्रा में दूध मिल रहा है, जो मांग के मुकाबले बेहद कम है।
मिल रहा बचा-खुचा सामान
लोगों को रोजमर्रा की वस्तुएं पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने पेट्रोल न मिलने की वजह से अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी हैं। आम लोगों को अब स्थानीय बाजारों में सिर्फ बचा-खुचा सामान ही मिल रहा है।
प्रशासन के सख्त आदेश
जिले के प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आदेश दिया है कि वे एंबुलेंस, अग्निशमन विभाग, आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई और सड़क बहाली कार्यों में लगे वाहनों के लिए न्यूनतम रिजर्व स्टॉक अनिवार्य रूप से बनाए रखें। जमाखोरी और काला बाजारी करने वालों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें दो साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
गैस सप्लाई सुचारू
फिलहाल घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई प्रभावित नहीं हुई है। नागरिक आपूर्ति निगम की गैस एजेंसी प्रभारी चंद्रेश कुमारी ने बताया कि इस माह की सप्लाई सभी क्षेत्रों में दी जा चुकी है और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त रिजर्व स्टॉक भी रखा गया है।
