Click Here to Share Press Release Through WhatsApp No. 82196-06517 Or Email - pressreleasenun@gmail.com

हमीरपुर : सीएमओ कार्यालय में महिला कर्मचारी का यौन उत्पीड़न, शिकायत पर नहीं कोई कार्रवाई, यहां जानें

News Updates Network
By -
0
न्यूज अपडेट्स 
हमरीपुर, 06 अगस्त। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक चौंकाने वाले मामले ने पूरे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जिले के CMO कार्यालय में तैनात एक सीनियर असिस्टेंट पर उसी विभाग की एक आउटसोर्स महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।

CMO कार्यालय में यौन उत्पीड़न

पीड़िता ने 22 जुलाई को इस संबंध में एक विस्तृत शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) हमीरपुर को सौंपी थी, लेकिन दो सप्ताह बीतने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

आउटसोर्स महिला कर्मचारी के साथ नीचता

पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि आरोपी लंबे समय से उसे मोबाइल पर आपत्तिजनक और अश्लील संदेश भेज रहा था। जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी और अधिक बेशर्मी पर उतर आया और दफ्तर में अशोभनीय टिप्पणियों से उसे मानसिक रूप से परेशान करने लगा। लगातार बढ़ती हरकतों के चलते मजबूरन उसे शिकायत दर्ज करवानी पड़ी।

जांच कमेटी का है सदस्य

इस मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस सीनियर असिस्टेंट पर आरोप लगे हैं, वह कुछ समय पहले तक स्वास्थ्य विभाग की इंटरनल सेक्सुअल हरासमेंट कमेटी (ICC) का सदस्य था। यह वही समिति है जिसे महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा और न्याय दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

जैसे ही आरोपी पर आरोप लगे, उसे कमेटी से हटा तो दिया गया, लेकिन यह सवाल अब भी बना हुआ है कि ऐसे व्यक्ति को पहले इस संवेदनशील समिति में शामिल ही क्यों किया गया? बताया जा रहा है कि मामले को लेकर दो बैठकें हो गई हैं और शिकायत दर्ज किए हुए भी कई दिन हो चुके हैं। मगर अब तक कोई नतीजा नहीं आया है।

पीड़िता पर बना रहे दबाव

सूत्रों का दावा है कि पीड़िता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। यदि यह सच है तो यह महिला अधिकारों और कार्यस्थल की गरिमा के खिलाफ एक सीधा हमला है। इससे विभाग में कार्यरत अन्य महिलाओं का मनोबल भी प्रभावित हो सकता है।

प्रशासनिक चुप्पी ने बढ़ाई शंका

सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे मामले में न तो सीएमओ हमीरपुर और न ही यौन उत्पीड़न जांच समिति की अध्यक्ष कोई बयान देने को तैयार हैं। मीडिया द्वारा बार-बार संपर्क करने के बावजूद सीएमओ का फोन नहीं उठाया गया। इससे विभागीय चुप्पी और भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है।

महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल

गौरतलब है कि आज भी कई महिलाएं सरकारी दफ्तरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं। जो महिलाएं हिम्मत करके सामने आती हैं, वे दबाव का शिकार बन जाती हैं। ऐसे में सरकार और विभागों द्वारा किए जा रहे महिला सुरक्षा के दावे खोखले नजर आते हैं।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!