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UPI Payments: करोड़ों यूपीआई ग्राहकों को झटका, 1 अगस्त से UPI ट्रांजैक्शन पर फीस वसूलेगा बैंक

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फाइनेंस डेस्क, 31 जुलाई। ICICI बैंक 1 अगस्त से UPI ट्रांजैक्शन पर फीस वसूलने जा रहा है, लेकिन यह चार्ज सीधे ग्राहकों पर नहीं बल्कि पेमेंट एग्रीगेटर्स (जैसे Razorpay, Cashfree, PayU वगैरह) पर लागू होगा. बैंक ने यह फैसला UPI सिस्टम की लागत को कवर करने के लिए लिया है.जिन पेमेंट एग्रीगेटर्स का ICICI बैंक में एस्क्रो अकाउंट है-2 बेसिस पॉइंट (0.02%) प्रति ट्रांजैक्शन वसूलेगा. अधिकतम चार्ज: ₹6 प्रति ट्रांजैक्शन है. जिनका ICICI बैंक में कोई अकाउंट नहीं है:-4 बेसिस पॉइंट (0.04%) प्रति ट्रांजैक्शन चार्जेस लगेगा.अधिकतम चार्ज: ₹10 प्रति ट्रांजैक्शन लगेगा. ICICI बैंक के ग्राहक व्यापारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.यह चार्ज सिर्फ उन पेमेंट एग्रीगेटर्स पर लागू होगा जो ICICI बैंक के UPI इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन जिनका बैंक से कोई डायरेक्ट रिश्ता नहीं है.

यह बदलाव क्यों लाया गया

ICICI बैंक हर UPI ट्रांजैक्शन के लिए NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) को चार्ज देता है. अब तक बैंक खुद इस खर्च को वहन कर रहे थे, लेकिन अब वो इसे एग्रीगेटर्स से वसूलेंगे।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में कहा था कि सरकार UPI सिस्टम को सब्सिडी देकर चला रही है, लेकिन यह मॉडल लंबे समय तक टिकाऊ नहीं है. उन्होंने कहा कोई तो खर्च उठाएगा. अभी सरकार दे रही है, लेकिन भविष्य में लागत बांटनी होगी।

इससे किस पर असर होगा- ICICI बैंक से जुड़े व्यापारी: कोई असर नहीं. अन्य बैंकों से जुड़े पेमेंट एग्रीगेटर्स: ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ेगी. छोटे व्यापारी जो थर्ड पार्टी पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल करते हैं, उनकी ट्रांजैक्शन फीस में अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ोतरी हो सकती है।

UPI पर बढ़ता दबाव-UPI से हर महीने 100 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हो रहे हैं. ऐसे में बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और NPCI पर बैकएंड सिस्टम का दबाव बढ़ गया है.लेकिन सरकार की Zero MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) नीति के चलते बैंक और पेमेंट कंपनियों की कमाई नहीं हो रही।

1 अगस्त से UPI ट्रांजैक्शन फ्री नहीं रहेंगे – कम से कम पेमेंट एग्रीगेटर्स के लिए. ICICI बैंक के इस फैसले से UPI की "फ्री सर्विस" का खर्च अब धीरे-धीरे बाजार में लौटाया जा रहा है।

छोटे व्यापारियों और ऑनलाइन बिज़नेस वालों को अब अपने पेमेंट गेटवे की कीमतों पर दोबारा नजर डालनी चाहिए, क्योंकि ये लागत अब उनके सिर भी आ सकती है.अगर आप चाहें तो मैं Razorpay, PayU जैसे एग्रीगेटर्स की प्रतिक्रिया या प्रभाव की स्टोरी भी बना सकता हूं 

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