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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के अहम फैसले: ओबीसी आरक्षण, अनाथ बच्चों के लिए आरक्षित सीटें, बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक सहायता

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शिमला, 31 जुलाई। (अनिल)  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज शिमला में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास और सामाजिक न्याय से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में लिए गए निर्णयों से न केवल आगामी शहरी निकाय चुनावों की तैयारी में तेजी आएगी, बल्कि समाज के वंचित वर्गों और आपदा से प्रभावित लोगों को भी राहत मिलेगी।

शहरी निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू होगा

सरकार ने आगामी शहरी निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण लागू करने का फैसला किया है। इस उद्देश्य के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी गई है, ताकि सही जनसंख्या आंकड़े एकत्रित किए जा सकें और आरक्षण रोस्टर को अंतिम रूप दिया जा सके।

मानसून सत्र और बेरोजगार युवाओं को राहत

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र को 18 अगस्त से 2 सितंबर तक आयोजित करने की सिफारिश की है। इसके अलावा, राज्य चयन आयोग द्वारा आयोजित टीजीटी और जेबीटी परीक्षाओं में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को दो वर्ष की एकमुश्त आयु सीमा छूट देने का निर्णय भी लिया गया है।

अनाथ बच्चों को तकनीकी शिक्षा में मिलेगा आरक्षण

प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों सहित सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी और निजी तकनीकी संस्थानों में प्रति पाठ्यक्रम एक सीट आरक्षित करने का निर्णय लिया है।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 290 अतिरिक्त आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।

बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी किराया सहायता

हाल ही में भारी बारिश से प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों से बाहर निकलने में सहायता के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में ₹5,000 और शहरी क्षेत्रों में ₹10,000 प्रतिमाह की दर से अधिकतम छह माह तक किराया सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।

अवैध गतिविधियों पर कड़ा रुख

विनिर्माण इकाइयों में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक डिस्टिलरी, बॉटलिंग और ब्रुअरी प्लांट में दो होमगार्ड और एक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही अधिकारियों का समय-समय पर रोटेशन अनिवार्य होगा।

खनन और निवेश को बढ़ावा

मंत्रिमंडल ने कांगड़ा में 10 और बिलासपुर में 11 खनिज खदानों की नीलामी को मंजूरी दी है, जिससे ₹18.82 करोड़ का राजस्व और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं, 50 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर विचार के लिए पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद गठित की गई है।

परिवहन में सुविधा और निगरानी

सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) को पात्र यात्रियों के लिए ‘हिम बस कार्ड’ जारी करने की अनुमति दी है ताकि मुफ्त या रियायती यात्रा सुविधाओं को सुव्यवस्थित किया जा सके।

लंबित कर मामलों के निपटारे की योजना

‘हिमाचल प्रदेश सद्भावना विरासत मामलों के निपटान की योजना–2025’ का दूसरा चरण 1 सितंबर से शुरू होकर तीन महीने चलेगा। इसका उद्देश्य 30,000 से अधिक लंबित कर मामलों का निपटारा करना है, जिनमें वर्ष 2020–21 तक के पेट्रोलियम उत्पादों पर राज्य वैट से जुड़े मामले भी शामिल हैं।

वन टाइम लैगेसी पॉलिसी

अनियमित रूप से चल रहे निर्माण उपकरण वाहनों को पंजीकरण में लाने के लिए सरकार ने वन टाइम लैगेसी पॉलिसी को मंजूरी दी है। इसके तहत वाहन मालिक एकमुश्त टैक्स और 50% जुर्माना देकर पंजीकरण करवा सकेंगे। यह नीति तीन महीने तक प्रभावी रहेगी और लगभग 27,095 वाहन इससे लाभान्वित हो सकते हैं।

खाली सरकारी भवनों का उपयोग

राज्य सरकार ने खाली पड़े सरकारी भवनों के समुचित उपयोग के लिए एक नोडल एजेंसी गठित करने की सिफारिश को मंजूरी दी है, जो विभागों को कार्यस्थल उपलब्ध करवाएगी।

अन्य निर्णय

* सोलन नगर निगम क्षेत्र में जल दरें जल शक्ति विभाग की दरों के अनुसार की जाएंगी।
* हमीरपुर जिले के नादौन नगर परिषद क्षेत्र से वार्ड संख्या 8 के अमतर स्टेडियम और पंचायत घर बेला को क्षेत्र से बाहर किया गया।
* राज्य में लॉटरी संचालन शुरू करने को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी।

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