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बिलासपुर, 23 जुलाई। बिलासपुर में जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष विमला देवी ने की। इस बैठक में जिला परिषद सदस्यगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान, अध्यक्ष ने अधिकारियों से आमजन की समस्याओं का जल्द समाधान करने और विकास कार्यों को तय सीमा में पूर्ण करने पर बल दिया।
बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दे:
सड़क और परिवहन: जिला परिषद सदस्य शैलजा शर्मा ने गांव कल्लर में पुरानी सड़क की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त की और लोकल बस सेवा को बहाल करने की मांग की। विभाग ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर मरम्मत कार्य के लिए टेंडर किए जाएंगे और बरसात के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य और नशा मुक्ति: स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि स्वारघाट और कोटखास में नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिए संयुक्त निरीक्षण पूर्ण हो चुका है और शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बिजली और पेयजल: बैठक में बिजली और पेयजल से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
बैंकिंग सुविधाएं: जिला परिषद सदस्य बेली राम टैगोर ने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर बलोह टोल प्लाजा से औहर के बीच एक राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा खोलने की मांग रखी, जिस पर प्रशासन ने बताया कि प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
गैस एजेंसियों के शुल्क: जिला परिषद सदस्य प्रमिला बसु ने बरठी और झंडूता में गैस एजेंसियों द्वारा नए कनेक्शनों पर अलग-अलग शुल्क वसूले जाने का मुद्दा उठाया। विभाग ने स्पष्ट किया कि कनेक्शन की दर सूची एजेंसी कार्यालय के बाहर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी।
जल निकासी की समस्या: जिला परिषद अध्यक्ष ने घुमारवीं से कुठेड़ा मार्ग पर सत्कार ढाबा से पनयाला तक के क्षेत्र में जल निकासी की गंभीर समस्या को उठाया। अतिरिक्त उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण एसडीएम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से कराया जाएगा ताकि उचित समाधान किया जा सके।
ओवरब्रिज निर्माण: जिला परिषद उपाध्यक्ष मानसिंह धीमान ने स्वारघाट से बागछल मार्ग पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग उठाई। अध्यक्ष ने इस विषय के समाधान के लिए एक सप्ताह के भीतर NHAI अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने की बात कही।
धूल की समस्या: मानसिंह धीमान ने राष्ट्रीय राजमार्ग मनाली की टनल नंबर-1 में धूल की समस्या की ओर भी ध्यान आकर्षित किया, जिससे छोटे और बड़े वाहनों के चालकों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में कुल 31 मदों पर चर्चा की गई, जिसमें सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्यासी, विद्युत, पेयजल और परिवहन से संबंधित समस्याएं शामिल थीं। अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।