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मंडी, 28 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग में 25 जुलाई को कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी की गाड़ी पर पत्थर, जूते और काले झंडे फेंकने के मामले में नई एफआईआर दर्ज हुई हैं। यह एफआईआर तिरंगे झंडे के अपमान पर की गई हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कृत्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत तिरंगे का अपमान भी हो सकता है। इस सिलसिले में पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं। पहली एफआईआर में 57 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, गैरकानूनी जमावड़ा, और काले झंडे लहराने जैसे आरोप लगाए गए हैं। दूसरी एफआईआर में पत्थरबाजी, जान का खतरा, गाली-गलौज और धमकाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। तीसरी एफआईआर सात महिलाओं के खिलाफ दर्ज की गई है, जिन पर मंत्री की गाड़ी रोकने, नारेबाजी करने और जूता फेंकने के आरोप हैं।
शिकायतकर्ता जगदीश रेड्डी के अनुसार, इस घटना में तिरंगे का अपमान भी हुआ है। इस पर पुलिस ने वीडियो फुटेज की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने बताया कि सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
इसी मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को राहत देने के बजाय सरकार उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर एफआईआर ही समाधान है तो मेरे खिलाफ भी दर्ज कर दीजिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आपदा में सब कुछ गंवाने वाले लोगों को ही देशद्रोह का आरोपी बना रही है। साथ ही यह भी जोड़ा कि राजस्व मंत्री, जिनके पास आपदा प्रबंधन का जिम्मा है, एफआईआर दर्ज करवा कर लौट रहे हैं, जबकि उन्हें राहत देने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी।