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कुल्लू मनाली आ रहे सैलानी जान जोखिम में डालकर नालों के पास ले रहे सेल्फी, मौत को दे रहे दावत !

Anil Kashyap
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न्यूज अपडेट्स 
कुल्लू, 24 जून। कुल्लू-मनाली आ रहे सैलानी जान जोखिम में डालकर ब्यास में फोटोग्राफी करने उतर रहे हैं। यहां सेल्फी लेने का शौक पर्यटकों के लिए जान पर भी भारी पड़ सकता है। कुल्लू में पर्यटक व प्रशासन हादसों से कोई सबक नहीं ले रहे हैं। कुछ जगहों पर चेतावनी बोर्ड तो लगाए गए हैं, लेकिन पर्यटक इनकी अनदेखी कर ब्यास की लहरों में उतर रहे हैं। थलौट हादसे को लोग अभी भुला नहीं पाए हैं, लेकिन फिर भी पर्यटक पानी में उतर जाते हैं।

पर्यटक पांव फिसलने व नदी में नहाते हुए भी हादसे का शिकार हो चुके हैं। कई बार पर्यटकों व लोगों को ब्यास का जलस्तर बढ़ने पर बचाया जा चुका है। स्थानीय लोगों रमेश ठाकुर, हीरा लाल, गणित शर्मा, सोनम, रेशमा ने बताया कि इससे पहले भी फोटो खींचने का यह शौक कई पर्यटकों की जान ले चुका है। चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ नदी की ओर जाने वाले रास्तों पर बाड़बंदी होनी चाहिए। उन्होनें कहा कि कुल्लू मनाली की ठंडी वादियों में आने वाले सैलानी अपनी जान जोखिम में डालकर ब्यास सहित अन्य नदी-नालों में उतर रहे हैं। मस्ती के लिए लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।

घाटी में धीरे-धीरे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। इस कारण प्रशासन की ओर से नदी-नालों की ओर न जाने के लिए कई जगहों पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं फिर भी सैलानी ब्यास में उतर रहे हैं। पर्यटकों के साथ कई हादसे भी पेश आ चुके हैं, लेकिन अपनी जान की परवाह किए बगैर पर्यटक नदी तट पर सेल्फी लेने और मस्ती करने जा रहे हैं। पर्यटक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करते समय पत्थरों से फिसलकर नदी में गिर जाते हैं, जिससे हादसे पेश आते हैं।

कुल्लू जिले में पिछले पांच सालों में करीब 10 से अधिक पर्यटकों की मौत हो चुकी है। ये पर्यटक नदी-नालों के पास सेल्फी खिंचवाने, पत्थर पर फिसलने के चलते पार्वती और ब्यास नदी सहित अन्य नालों में डूबे हैं। करीब एक दशक पहले थलौट में भी हैदराबाद के 24 छात्रों के ब्यास में बह जाने की घटना आज भी लोगों के जहन में है। पिछले साल मनाली में भी एक महिला पर्यटक की जान गई। इस संबंध में डीसी कुल्लू ने कहा कि पर्यटकों के साथ नदी-नालों में उतरने से किसी तरह के हादसे न हों, इसके लिए निर्देश दिए गए है। जगह-जगह साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं।

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