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पूर्व SP संजीव गांधी के खिलाफ हाइकोर्ट पहुंचे MLA सुधीर, दायर किया मानहानि का केस

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धर्मशाला, 14 जून। हिमाचल के कांगड़ा जिला में धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक सुधीर शर्मा और शिमला के पूर्व एसपी संजीव गांधी के बीच एक बार फिर तीखा टकराव उभरकर सामने आया है। विधायक सुधीर शर्मा ने धर्मशाला की स्थानीय अदालत में संजीव गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज की है, जिसमें उन्होंने पूर्व शिमला एसपी संजीव गांधी पर उनकी छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से झूठे और अपमानजनक बयान देने का गंभीर आरोप लगाया है।

मुझे बदनाम करने का किया प्रयास

विधायक सुधीर शर्मा का कहना है कि 23 मई 2025 को शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजीव गांधी ने जानबूझकर ऐसे बयान दिए, जो न केवल तथ्यहीन और झूठे थे, बल्कि स्पष्ट रूप से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित थे। शर्मा ने आरोप लगाया कि इन बयानों से उनकी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप

विधायक द्वारा दर्ज की गई शिकायत के अनुसार संजीव गांधी ने अपने बयान में दावा किया कि उनके पास सुधीर शर्मा की आपराधिक गतिविधियों से संबंधित साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च 2024 में जब छह कांग्रेस विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, तो इस साजिश के पीछे सुधीर शर्मा का हाथ था। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन विधायकों को पार्टी बदलने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की गई थी।

इसके अलावा संजीव गांधी ने एक हाई.प्रोफाइल आत्महत्या मामले  बिमल नेगी केस की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर भी सुधीर शर्मा पर हमला बोला था। उनका आरोप था कि शर्मा ने न्यायिक प्रक्रिया की गोपनीयता भंग कर सोशल मीडिया पर कोर्ट की कार्यवाही का प्रसारण कर उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से बदनाम करने का प्रयास किया।

विधायक बोले झूठे मनगढंत हैं आरोप

भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने संजीव गांधी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह बयान न केवल आधारहीन हैं, बल्कि उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की एक सोची.समझी साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस आत्महत्या मामले की बात की जा रही है, वह मामला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उसकी कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग न्यायालय की अनुमति से की गई थी, जिसे किसी भी तरह से संपादित या तोड़ा.मरोड़ा नहीं गया। विधायक ने यह भी कहा कि संजीव गांधी के आरोप सेवा नियमों का उल्लंघन हैं और उन्होंने कोई ठोस साक्ष्य,  न दस्तावेज़, न इलेक्ट्रॉनिक, न ही मौखिक अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए हैं।

अदालत में पेश किए साक्ष्य

विधायक सुधीर शर्मा ने अपनी शिकायत के साथ एक पेन ड्राइव भी अदालत में जमा करवाई है, जिसमें उस विवादास्पद प्रेस कॉन्फ्रेंस की पूरी रिकॉर्डिंग मौजूद है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63 के तहत प्रमाणित एक प्रमाण पत्र और प्रमुख समाचार पत्रों में छपी खबरों की कटिंग भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की है।

शिकायत की मांग

विधायक ने शिकायत में मांग की है कि अदालत संजीव गांधी को समन जारी कर भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत उन्हें मानहानि का आरोपी मानते हुए उचित कार्रवाई करे। सुधीर शर्मा का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की गरिमा से जुड़ा है। अब अदालत इस मामले में प्रारंभिक सुनवाई कर सकती हैए जिसमें यह तय किया जाएगा कि संजीव गांधी को समन जारी किया जाए या नहीं। मामले की संवेदनशीलता और इसमें जुड़े पक्षों की हैसियत को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में और अधिक गर्मा सकता है।

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