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Himachal: आज से डबल हो गया बसों का न्यूनतम किराया, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन, यहां जानें

Anil Kashyap
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न्यूज अपडेट्स 
शिमला। हिमाचल प्रदेश की जनता को प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने एक और बड़ा महंगाई का झटका दिया है। चौतरफा विरोध के बावजूद आज प्रदेश सरकार ने हिमाचल में न्यूनतम बस किराया डबल कर दिया है। पहले न्यूनतम बस किराया 5 रुपए था, जिसे बढ़ाकर 10 रुपए कर दिया गया है। प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा  कैबिनेट के न्यूनतम किराये को बढ़ाने के फैसले को लागू करते हुए शनिवार को इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन कमलेश कुमार पंत की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई।

4 किलोमीटर तक लगेगा 10 रुपए किराया

इस अधिसूचना के जारी होते ही अब हिमाचल में यदि कोई व्यक्ति 100-200 मीटर सफर भी करता है, तब भी उसे 10 रुपए किराया ही देना पड़ेगा। कांग्रेस सरकार ने 4 किलोमीटर तक सफर करने का न्यूनतम किराया 10 रुपए कर दिया हैं। इससे अधिक लंबा सफर करने वाले यात्रियों को 2 रुपए 19 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से पहले से तय दरों के हिसाब से किराया देना होगा।

कैबिनेट बैठक में लिया था फैसला

बता दें कि पांच अप्रैल को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बसों में न्यूनतम बस किराया डबल करने का निर्णय लिया था। कैबिनेट के इस फैसले का लोगों ने जमकर विरोध भी किया था। जिसके चलते सरकार ने इस फैसले को होल्ड कर दिया था। लेकिन जैसे ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ, सरकार ने अपने फैसले को अमलीजामा पहनाते हुए इसकी अधिसूचना जारी कर दी।

आज से लागू होगा न्यूनतम बस किराया

आज यानी रविवार से प्रदेश भर में एचआरटीसी और निजी बसों में यात्रियों से न्यूनतम 10 रुपए किराया वसूल किया जाएगा। सुक्खू सरकार के इस फैसले का गरीब और मध्यम वर्ग पर खासा असर पड़ेगा। क्योंकि बसों में अधिकतर निर्धन और मध्यम वर्ग के लोग ही सफर करते हैं। प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट बसों में रोजाना 8 लाख से 10 लाख यात्री सफर करते हैं। जिसमें अधिकतर यात्री लोकल सफर करते हैं।

जयराम ठाकुर ने जताया था विरोध

बता दें कि सुक्खू सरकार के इस फैसले का नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी विरोध किया था। जयराम ठाकुर ने बसों के न्यूनतम किराए को दोगुना करने के सरकार के फैसले की निंदा करते हुए कहा था कि मध्यम और गरीब परिवार के यात्रा का एकमात्र साधन ही सरकारी और निजी बसें हैं। उनके न्यूनतम किराए को डबल करने से हर परिवार पर हर महीने कम से कम हजार रुपए से ज्यादा का बोझ पड़ेगा।

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