Home World India Himachal Pradesh Bilaspur Mandi Kullu Kangra Solan Shimla Una Chamba Kinnour Sirmour Hamirpur Lahoulspiti Politics HRTC Haryana Roadways HP Cabinet Crime Finance Accident Business Education Lifestyle Transport Health Jobs Sports

मंडी: हणोगी पुल से लेकर द्ववाड़ा तक पुराने हाईवे की हालत खस्ता, पैदल चलने लायक भी नहीं - ग्रामीणों में आक्रोश

Anil Kashyap
0
न्यूज अपडेट्स 
मंडी, 15 फरवरी : किरतपुर से मनाली तक लोगों की सुविधा के लिए फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। अधिकतर फोरलेन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और वहां पर ट्रैफिक भी शुरू कर दिया गया है। मंडी जिला में हणोगी पुल से लेकर थलौट तक अब सारा ट्रेफिक फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत बनी टनलों से होकर गुजर रहा है। लेकिन यहां जो पुराना नेशनल हाईवे है उसकी दशा सुधारने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। हणोगी पुल से लेकर द्ववाड़ा और उससे आगे तक पुराना हाईवे बीती बरसात में बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। 

आलम यह है कि यहां पैदल चलने के लिए भी रास्ता नहीं बचा है। हणोगी माता मंदिर के लिए भी यही रास्ता जाता है और इसके क्षतिग्रस्त होने के बाद अब कोई भी इस तरफ नहीं आ रहा है। हणोगी माता मंदिर न्यास के पूर्व सदस्य बलवीर ठाकुर ने बताया कि ग्रामीणों ने कई बार सरकार, प्रशासन और एनएचएआई से इस हाईवे की दशा सुधारने की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं आया। आज दिन तक ग्रामीणों को यही पता नहीं चल पा रहा है कि इस हाईवे की दशा सुधारेगा कौन, क्योंकि इसे एक तरह से लावारिस हालत में छोड़ दिया गया है। उन्होंने इस हाईवे की दशा को जल्द से जल्द सुधारने की गुहार लगाई है।

वहीं, ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी भारी रोष देखने को मिल रहा है कि जो फोरलेन बना है वहां स्थानीय ग्रामीणों के लिए बस ठहराव और उनके उतरने-चढ़ने के लिए स्टॉपेज का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। यहां तक कि फोरलेन से पुराने हाईवे या फिर लिंक रोड़ की तरफ जाने के लिए भी कोई रास्ते नहीं छोड़े गए हैं। लोगों को कई किलोमीटर दूर जाकर टर्न लेकर वापिस आना पड़ रहा है। खासकर एम्बुलेंस आदि को लाने की स्थिति में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने मांग उठाई है कि सरकार इन सभी व्यवस्थाओं को सुचारू करवाए।

वहीं, जब इस बारे में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त हाईवे की मरम्मत का एस्टीमेट बना लिया गया है और उसे मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलते ही मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। लिंक रोड़ या रास्ते के प्रावधान को लेकर ग्रामीणों की जो समस्या है, उस पर विचार करके उचित कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top