मंडी, 25 मई - हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बस चलाने वाले एक ड्राइवर का दुखद निधन हो गया। मगर अपनी मौत से पहले वह एक-दो नहीं बल्कि 60 लोगों की जिंदगियों को नया जीवन दान देकर इस दुनिया को छोड़ गया। बताया जा रहा है कि ड्राइवर की मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई है।
तीन मासूम बेटियों को छोड़ गया पीछे
मृतक ड्राइवर का नाम सोहन लाल बताया गया है, जो कि HRTC की बस (HP 65 0820) को लेकर मंडी से सराची रूट पर चल रहा था। मृतक ड्राइवर सोहन लाल मूलरूप से डडौह तहसील च्चयौट का निवासी था और वह अपने पीछे भरे पूरे परिवार समेत अपनी तीन छोटी-छोटी बच्चियों को छोड़ गया है।
जहां बस रोकी वहीं पर सवार हो गए थे बच्चे
बताया गया कि जिस वक्त यह घटना पेश आई उस समय बस में कुल 25 सवारियां बैठी हुई थीं और जब तबियत असहज महसूस होने पर उसने बागा चुनौगी में बस को सड़क किनारे रोका तब एक साथ कुल 35 से अधिक बच्चे बस में सवार हो गए थे। बताया गया कि मंडी से सराची रूट पर थुनाग से तकरीबन 40 किलोमीटर दूर उसे पहले उलटी करने का मन हुआ।
पानी पीते ही छाती में उठा दर्द
ऐसे में उसने बस को साइड में लगाया और एक ढाबे में जाकर पानी मांगकर पिया मगर पानी पीने के साथ ही उसकी छाती में दर्द होने लगा। ऐसे में उसने अपने साथ मौजूद कंडक्टर को यह बात बताई, जो उसे आनन फाना में इलाज कराने के लिए स्थानीय पीएचसी में ले गया, जहां मौजूद चिकत्सकों ने उसे आगामी इलाज के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
आगे का रास्ता था काफी खतरनाक अगर बढ़ जाता तो..
मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी और मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर वहां मौजूद चिकित्सकों के द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया। बस में सवार लोगों ने बताया कि अगर बस ड्राइवर वहां नहीं रुकता तो आगे रस्ते में मौजूद खड़ी चढ़ाई और तीखे ढांक वाले रास्तों पर सफ़र के दौरान बड़ा हादसा पेश आ सकता था। मगर ड्राइवर सोहन लाल ने सूझबूझ से काम लिया और 60 के करीब सवारियों की जिंदगियों को बचा लिया।