राइट फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि यह बयान पुलिस महानिदेशक की प्रदेश की महिलाओं के बारे बेहूदा सोच को उजागर करता है तथा उन्होंने केंद्र सरकार व हिमाचल प्रदेश सरकार से सीधे तौर पर संजय कुंडू को हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आज पुलिस माफिया की जकड़ में फंस चुकाहै। इस पुलिस माफिया को खत्म करने के लिए सभी पुलिस अधीक्षकों और पुलिस महानिदेशक को हटाना बेहद जरूरी है।
जहां पुलिस को कार्यवाही करनी चाहिए वहां पुलिस चुप है, फिर चाहे वह महिला उत्पीड़न के मामले हो या किसी अन्य तरह के अपराध।उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि "यह बहुत शर्मनाक है कि पुलिस महानिदेशक प्रदेश की महिलाओं के प्रति ऐसी घटिया और कानून के बारे ऐसी बेहूदा समझ रखते है। मैं हिमाचल प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार से संजय कुंडू को तत्काल हटाने की मांग करता हूं। हमें ऐसा पुलिस महानिदेशक नही चाहिए जो महिलाओं का सम्मान नही करता और कानून के बारे बेहूदा जानकारी/ बयान जारी करता है।" उन्होंने अपनी इस पोस्ट में मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश, केंद्रीय गृह मंत्रालय, अमित शाह और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया है।
इसी मामले में राइट फाउंडेशन की कांगड़ा यूनिट के अध्यक्ष रोहित कुमार ने भी रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हम सालों से हिमाचल में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों और प्रताड़ना के खिलाफ मुहिम पर काम कर रहे है और आज हमें समझ आ रहा है कि पुलिस थानों में बैठे पुलिस अधिकारी महिलाओं के मामलों में कानून के अनुसार कार्यवाही क्यों नही करते। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक की यह सोच प्रदेश की महिलाओं के हक में नहीं है और ऐसी पुलिस महानिदेशक को तत्काल हटा दिया जाना चाहिए।
उधर इस मामले में राइट फाउंडेशन की बिलासपुर यूनिट के अध्यक्ष अनिल कुमार ने भी इस मामले की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। पूरे प्रदेश की पुलिस के मुखिया का यह बयान भारत के संविधान और कानून का अपमान है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुखिया ने ऐसा बयान देकर हिमाचल प्रदेश की महिलाओं और बेटियों का अपमान किया है।
उन्होंने मांग की है कि पुलिस महानिदेशक को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर साल बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर करोड़ों का खर्च कर रही है। अगर इसके बाबजूद पुलिस निदेशक की सोच ऐसी है तो उनको अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नही है।