केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर राज्यों को भेजी गई चिट्ठी में लिखा गया है कि संक्रमण को स्थानीय स्तर पर खत्म करने के उपाय किए जाएं। इमरजेंसी रूम और सेवाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए। जहां जरूरी हो वहां शादी, पार्टी और अंतिम संस्कार में संख्या सीमित की जाए। टेस्टिंग बढ़ाई जाए। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि जहां-जहां ओमिक्रोन बेकाबू होगा, वहां-वहां एक बार फिर लॉकडाउन लगाया जा सकता है। राज्य सरकारें अभी मंथन कर रही हैं।
महाराष्ट्र उन राज्यों में शामिल है जहां ओमिक्रोन के सबसे ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। इस बीच, महाराष्ट्र की स्कूल शिक्षा मंत्री प्रो वर्षा एकनाथ गायकवाड़ से एएनआई से कहा है कि यदि ओमिक्रोन के मामलों में वृद्धि जारी रहती है, तो हम स्कूलों को फिर से बंद करने का निर्णय ले सकते हैं। हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
भारत में ओमिक्रोन की ताजा स्थिति यह है कि यह वैरिएंट 14 राज्यों में फैल गया है जहां 220 मरीज हैं। देश में ओमिक्रोन कितनी तेजी से बढ़ रहा है, इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा रहा है कि 17 दिसंबर को 100 केस थे और 21 दिसंबर को यह आंकड़ा 200 पार हो गया।
यानी महज चार दिन में केस दोगुना हो गए हैं। अमेरिका और ब्रिटेन में जिस तरह से हाहाकार मचा है, उसे देखते हुए लोगों को सबक सिखना चाहिए। देश में एक बड़ा वर्ग अभी भी मास्क लगाने और शारीरिक दूरी का पालन जैसे नियमों की अनदेखी कर रहा है। यह लापरवाही कभी भी घातक रूप से सकती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा है कि अभी देश से डेल्टा वैरिएंट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में डेल्टा और ओमिक्रोन मिलकर घातक रूप धारण कर सकते हैं। ओमिक्रोन को लेकर कहा जा रहा है कि यह तेजी से फैलता जरूर है, लेकिन कोरोना के अन्य वैरिएंट की तरह घातक नहीं है।
