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मंडी, 11 सितंबर। मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। पंडोह-टकोली फोरलेन परियोजना के तहत डयोड और हणोगी के बीच बने टू टि्वन टनलों को एक तरफ से यातायात के लिए खोल दिया गया है। इन सुरंगों के शुरू होने से न केवल यात्रा का समय काफी घट गया है, बल्कि मंडी से कुल्लू और मनाली की तरफ जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित हो गई है।
पंडोह-टकोली फोरलेन मार्ग पर स्थित डयोड और हणोगी टनल को पूजा-अर्चना के बाद सुबह 11 बजे आधिकारिक रूप से आम यातायात के लिए खोल दिया गया। परियोजना के तहत शापुरजी कंपनी के टीम लीडर आदर्श पनहोत्रा, सुशांत सिंह, गुलाब सिंह ठाकुर और अजय रांगड़ा की मौजूदगी में टी4 01-02 राइट हैंड साइड टनल को यातायात के लिए शुरू किया गया। टनल चालू होने से जोगनी माता मंदिर, डयोड और हणोगी के पास वर्षों से लगने वाले जाम और संकरी सड़कों की समस्या से निजात मिलेगी।
महज 2 घंटे में पूरा हो सकेगा मंडी से कुल्लू का सफर
2.8 किलोमीटर लंबी डयोड सुरंग और 650 मीटर लंबी हणोगी सुरंग के चालू होने से करीब 6 किलोमीटर का दुर्गम सड़क हिस्सा सिमटकर अब केवल 3.5 किलोमीटर का रह गया है। एनएचएआई का दावा है कि अब मंडी से कुल्लू का सफर महज 2 घंटे में पूरा हो सकेगा। पहले संकरी सड़कों और जाम के कारण चालकों को 1 से 2 घंटे अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता था। आपातकालीन स्थिति में मरीजों और व्यापारिक वाहनों की आवाजाही तेज होगी, जिससे कुल्लू-मनाली घाटी में पर्यटन को भी नया बल मिलेगा।
4,465 करोड़ रुपए का है प्रोजैक्ट
पंडोह बाईपास से टकोली तक 18.908 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन प्रोजैक्ट का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत 4,465.94 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। एनएचएआई मंडी के परियाेजना निदेशक वरुण चारी हने बताया कि ट्रायल सफल रहने के बाद दोनों टनलों को तय समयानुसार सुबह 11 बजे खोल दिया गया है, जिससे यातायात संचालन तुरंत सुगम हो गया है।
