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बिलासपुर, 19 सितंबर। उक्त मामले में प्रारंभिक तौर पर मदन लाल के भाई बिशन दास एवं भाभी रानी देवी उर्फ रानो देवी द्वारा पुलिस को बताया गया था कि झगड़े के दौरान मदन लाल की मृत्यु हो गई थी और उन्होंने उसके शव को उठाकर फेंक दिया था। शव की बरामदगी के लिए पुलिस ने सभी संभावित प्रयास किए, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद शव बरामद नहीं हो सका।
पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ की गई तथा स्थानीय लोगों से भी पूछताछ व अन्य जांच की गई। जांच के दौरान तथ्य सामने आया कि मदन लाल को दिनांक 13-09-2026 को मंडी भराड़ी और स्वारघाट के आसपास देखा गया था। इस सूचना पर पुलिस ने स्वारघाट और मंडी भराड़ी क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तलाश जारी रखी।
इसी क्रम में आज सुबह करीब 09:00 बजे पुलिस ने मदन लाल को तलाश कर लिया, जिसे उसके भाई द्वारा मृत बताया गया था। वह स्वारघाट NH पर एक ढाबे पर काम कर रहा था और इतने दिनों से वहीं रह रहा था।
मदन लाल ने पूछताछ में बताया कि दिनांक 11-09-2026 को वह शराब के नशे में था और उसका भाई बिशन दास के साथ विवाद व मारपीट हुई। इस दौरान भाभी रानो देवी ने उसके सिर पर पत्थर से वार किया जिससे खून बहने लगा। उसने दवाई व पट्टी करवाकर घर जाने की बात बताई। घर पहुंचने के बाद भाई-भाभी ने दोबारा मारपीट की जिसमें वह बेहोश हो गया। 12-09-2026 को होश आया तो वह चंगरू के पास गोविंद सागर झील के नजदीक पड़ा था। वह झील किनारे के रास्ते मंडी भराड़ी की ओर गया, रास्ते में केमिस्ट की दुकान से मरहम-पट्टी खरीदी और फिर मंडी भराड़ी से स्वारघाट NH पर एक ढाबे पर काम करने लगा।
अब तक की जांच व भाई-भाभी के बयानों के आधार पर सामने आया है कि दोनों को झगड़े के बाद लगा कि मदन लाल की मृत्यु हो गई है। इसी आशंका व भय के कारण उन्होंने मदन लाल को उठाकर चंगरू के पास गोविंद सागर झील के नजदीक फेंक दिया था। मामले में आगामी जांच जारी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने मामले की पुष्टि की है।
