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राज्य ब्यूरो। भारत की राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच अब हिमाचल प्रदेश में भी इस खतरनाक वायरस ने दस्तक दे दी है। कांगड़ा जिले के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज (टांडा) में बुधवार को स्वाइन फ्लू के 4 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। चिंताजनक बात यह है कि इस वायरस ने सबसे ज्यादा संवेदनशील आयु वर्ग यानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अपनी चपेट में लिया है।
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने मामलों की पुष्टि करते हुए बताया कि बुधवार को अस्पताल में स्वाइन फ्लू के कुल 8 सैंपलों की जांच की गई। इनमें से 4 सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमित मरीजों में 72 और 85 वर्ष के 2 बुजुर्ग और 7 माह व 1 साल के दो मासूम बच्चे शामिल हैं।
मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धीरज कपूर ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जनता को घबराने करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
उन्होंने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। जिन लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार या गले में खराश जैसे लक्षण हों, वे तुरंत अपने चेहरे पर मास्क लगाएं और बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में जाकर अपनी जांच करवाएं। डॉ. कपूर ने आम जनता से अपील की है कि वे एहतियात के तौर पर मास्क का प्रयोग करें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें।
