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हमीरपुर, 27 अगस्त। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) ने फिर दस्तक दी है और पिछले पांच दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लंपी वायरस के करीब 48 मामले सामने आए हैं। बीमारी से चार मवेशियों की मौत भी हो चुकी है।
पशुपालन विभाग के अनुसार, सबसे अधिक 12 मामले नादौन क्षेत्र से सामने आए हैं। भोरंज और सुजानपुर में दो-दो मामले दर्ज किए गए हैं। जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी मवेशियों में बीमारी के लक्षण पाए जाने के बाद विभाग ने निगरानी और उपचार की प्रक्रिया तेज कर दी है। बीमारी से निपटने के लिए पशुपालन विभाग को करीब 13,500 टीके मिले हैं। इन टीकों को पशु चिकित्सालयों और संबंधित केंद्रों पर भेजा गया है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में मवेशियों का समय पर टीकाकरण किया जा सके।
विभाग ने पशुपालकों से मवेशियों में बीमारी के लक्षण दिखायी देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करने की अपील की है। पिछले वर्ष जिले में करीब 16,000 मवेशियों का टीकाकरण किया गया था। इससे पहले 2023 में बीमारी के बड़े प्रकोप के बाद व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया गया था।
लंपी स्किन डिजीज मवेशियों के सामान्य स्वास्थ्य और उत्पादकता को प्रभावित करती है। संक्रमित पशुओं में कमजोरी, बुखार, त्वचा पर गांठें पड़ना, भूख कम होना और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर मामलों में पशु के ठीक होने में काफी समय लग सकता है और कुछ मामलों में उसकी मौत भी हो सकती है। पशुपालन विभाग, हमीरपुर के सहायक निदेशक (परियोजना) डॉ. सतीश ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने पशुपालकों से नियमित रूप से मवेशियों की जांच करने और शरीर पर असामान्य गांठ, बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक को सूचित करने को कहा। उन्होंने पशुपालकों से अपने मवेशियों का टीकाकरण कराने की भी अपील की है।
