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शिमला, 5 अगस्त। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कई कर्मचारियों के सैलरी खातों से अचानक अतिरिक्त राशि कटने का मामला सामने आया है। शिमला, रामपुर, बिलासपुर सहित अन्य डिपुओं के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके बैंक खातों से बिना किसी पूर्व सूचना के निर्धारित ऋण किस्त से अधिक राशि डेबिट कर ली गई, जिससे कई खातों का बैलेंस शून्य हो गया।
कर्मचारियों के अनुसार जिन कर्मचारियों ने बैंक से ऋण लिया हुआ है, उनके खातों से ईएमआई कटने के बाद भी अतिरिक्त पैसे काट लिए गए। कई कर्मचारियों के खातों में केवल 200, 500, 1000 या 2000 रुपये शेष थे, लेकिन अतिरिक्त कटौती के कारण उनका बैलेंस शून्य हो गया। जिन खातों में पर्याप्त राशि नहीं थी, उनमें भी कटौती दर्ज कर राशि को ऋण खाते में समायोजित कर दिया गया।
पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें मोबाइल पर केवल खाते से राशि कटने और बैलेंस शून्य होने का संदेश मिला, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ऋण की नियमित किस्त के अलावा अतिरिक्त राशि किस कारण से काटी गई।
मामले की जानकारी लेने के लिए कुछ कर्मचारी बैंक शाखाओं में पहुंचे, लेकिन उन्हें भी स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। बैंक अधिकारियों ने प्रारंभिक स्तर पर इसे नए सॉफ्टवेयर अपडेट से जुड़ी तकनीकी समस्या होने की संभावना बताई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस बीच हिमाचल परिवहन मजदूर संघ के महासचिव हरीश पराशर ने कहा कि शिमला और रामपुर सहित कई स्थानों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कर्मचारियों के खातों से निर्धारित ईएमआई से कहीं अधिक राशि काटी गई है। उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारियों की मासिक किस्त लगभग 9,800 रुपये है, जबकि उनके खातों से 14,000 रुपये तक की कटौती की गई।
संघ ने बैंक प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कर अतिरिक्त कटौती का कारण स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही यदि बैंक स्तर पर संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है तो साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराने की भी बात कही गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कर्मचारियों के खातों से अतिरिक्त राशि किस कारण से कटी।
