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शिमला, 21 जुलाई। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार रात से जारी मूसलाधार बारिश ने पहाड़ों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चम्बा, कुल्लू और शिमला के ठियोग में आज सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके अलावा, हालात की गंभीरता को देखते हुए मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में स्कूल और कॉलेज एहतियातन पहले से ही बंद रखे गए हैं।
बीती रात प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों ने जमकर पानी बरसाया। कांगड़ा और सिरमौर जिले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पालमपुर में सर्वाधिक 136.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, सिरमौर के ददाहू में 105.6 मिमी, पांवटा साहिब में 79.8 मिमी और धर्मशाला में 75.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इस लगातार बारिश ने पारे में भी भारी गिरावट ला दी है। राज्य के कई शहरों का तापमान सामान्य से 6 डिग्री तक लुढ़क गया है। चंबा का तापमान सामान्य से 5.6 डिग्री नीचे गिरकर 28.4 डिग्री सैल्सियस पर आ गया है, जिससे लोगों को ठंडक का अहसास हो रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हालात को देखते हुए गंभीर चेतावनी जारी की है। चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के कई इलाकों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रैड अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही, 9 जिलों चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर, शिमला, सोलन, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में फ्लैश फ्लड आने की प्रबल आशंका जताई गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भूस्खलन, सड़कों पर जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है।
आने वाले कुछ दिन भी हिमाचल वासियों और पर्यटकों के लिए राहत भरे नहीं रहने वाले हैं। आज ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि बिलासपुर, चम्बा, कुल्लू, सोलन और शिमला में मध्यम से तेज बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 23 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ थोड़ा कमजोर जरूर पड़ेगा, लेकिन हमीरपुर, शिमला, कांगड़ा और मंडी में बारिश का दौर जारी रहेगा। 24 जुलाई को 8 जिलों में फिर से भारी बारिश की संभावना है। कुल मिलाकर 25 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहेगा।
इस रिपोर्ट का सबसे हैरान करने वाला पहलू मानसून के आंकड़े हैं। एक तरफ जहां प्रदेश में नदियां उफान पर हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि इस मानसून सीजन (1 जून से 20 जुलाई तक) में राज्य में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में औसतन 256.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 210 मिमी ही बादल बरसे हैं। सबसे ज्यादा सूखे जैसे हालात लाहौल-स्पीति (53 प्रतिशत कम) में हैं। इसके अलावा हमीरपुर में 41 प्रतिशत, मंडी में 33 प्रतिशत, बिलासपुर में 29 प्रतिशत, कांगड़ा में 24 प्रतिशत और सिरमौर में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
मौसम के इस खतरनाक और अप्रत्याशित मिजाज को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे उफनती नदियों, नालों और खड्डों के किनारे बिल्कुल न जाएं। साथ ही, जब तक बहुत जरूरी न हो, पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से बचें।
