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शिमला, 22 जुलाई। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा जारी जून 2026 ड्रग अलर्ट में हिमाचल प्रदेश की दवा निर्माण इकाइयों में निर्मित 45 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं।
देशभर में इस माह 159 दवा एवं कॉस्मैटिक नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 132 नमूने राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा 27 नमूने केंद्रीय प्रयोगशालाओं में जांच के दौरान फेल पाए गए। इन 159 नमूनों में हिमाचल प्रदेश में निर्मित 45 दवाओं के नमूने भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश के बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, झाड़माजरी, भुड, दवनी, गुल्लरवाला, कालाअंब, पांवटा साहिब, परवाणू, सोलन और कांगड़ा स्थित दवा निर्माण इकाइयों के उत्पाद गुणवत्ता परीक्षण में असफल पाए गए हैं। इनमें एंटीबायोटिक, बच्चों के सिरप, खांसी की दवाएं, दर्द व बुखार की दवाएं, हृदय रोग की दवाएं, पेट संबंधी दवाएं, आंखों की दवाएं, इंजैक्शन तथा विटामिन उत्पाद शामिल हैं। अधिकांश नमूने डिसॉल्यूशन, कंटेंट, एस्से, स्टेरिलिटी, पीएच, पार्टिकुलेट मैटर तथा सक्रिय औषधीय तत्व (एपीआई) की निर्धारित मात्रा जैसे गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
सीडीएससीओ की इस रिपोर्ट के बाद दवा निर्माण इकाइयों में गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्ता मानकों पर असफल पाए गए संबंधित बैचों को बाजार से हटाकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि सभी दवा कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
